प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर से पुणे से बेंगलुरु का सफर हो सकता है छोटा
मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू हुई तो पुणे के यात्रियों को बेंगलुरु के लिए तेज रात की ट्रेन मिल सकती है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे के यात्रियों को बेंगलुरु जाने के लिए रात की तेज रेल सेवा मिल सकती है, बशर्ते प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस संकेतों के मुताबिक शुरू हो जाए। मुंबई-पुणे सेक्शन पर हाल ही में इसका ट्रायल रन हुआ है। रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने 1 नवंबर को संभावित शुरुआत की बात कही है।
यह नई ट्रेन मुंबई से बेंगलुरु का सफर करीब 16 से 18 घंटे में पूरा कर सकती है। अभी चल रही ट्रेनों में इसी सफर में लगभग 22 घंटे लगते हैं। जो यात्री पुणे से बैठेंगे, उनके लिए बेंगलुरु पहुंचने में करीब 12 से 15 घंटे लग सकते हैं। यह आखिरी टाइमटेबल और चलने की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सफर करने वालों के लिए यह रात में चलने वाला एक और विकल्प होगा। लेकिन फाइनल शेड्यूल, पक्के स्टॉप और सफर का समय अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुआ है।
उम्मीद है कि रूट पर अनंतपुर, गुंटकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण से होकर ट्रेन बेंगलुरु को मुंबई से जोड़ेगी। अगर पुणे में स्टॉपेज पक्का हो जाता है तो यहां के यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए मुंबई नहीं जाना पड़ेगा।
शुरुआती अंदाजे के मुताबिक ट्रेन मुंबई से रात करीब 10.30 बजे निकले तो पुणे करीब 1.50 बजे पहुंच सकती है। वहां से आगे बढ़कर वह अगले दिन दोपहर करीब 2.50 बजे बेंगलुरु पहुंच सकती है।
उलटी दिशा में ट्रेन बेंगलुरु से रात करीब 10 बजे छूट सकती है। वह अगली सुबह करीब 10.35 बजे पुणे पहुंचेगी और दोपहर करीब 1.50 बजे मुंबई। ये समय सिर्फ अंदाजे हैं और इन्हें रेलवे का पक्का शेड्यूल नहीं माना जाना चाहिए।
प्रस्तावित ट्रेन में 16 कोच होंगे। इनमें 11 थ्री-टियर एसी कोच, चार टू-टियर एसी कोच और एक फर्स्ट क्लास एसी कोच बताए गए हैं। अनुमानित क्षमता करीब 823 बर्थ की है, यानी लंबे सफर में यात्रियों को सोने की जगह मिलेगी।
स्लीपर बनावट का मकसद रात का सफर आसान करना है, खासकर उनके लिए जो काम या दूसरे कारणों से पुणे और बेंगलुरु के बीच आते-जाते हैं।
रेलवे ने अभी टिकट के आखिरी दाम, रिजर्वेशन खुलने की तारीख और पक्के स्टेशन स्टॉप नहीं बताए हैं। असली सफर का समय और पुणे का स्टॉप भी आधिकारिक टाइमटेबल आने पर देखकर पक्का करना होगा।
जब तक ये बातें साफ नहीं होतीं, यह प्रस्तावित सेवा पुणे-बेंगलुरु के यात्रियों के लिए छोटे सफर और रात में सोकर जाने की सुविधा की एक संभावित नई राह भर है।
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