आलंदी में इंद्रायणी नदी पर फिर दिखी जहरीली सफेद झाग, संजीवन समाधि समारोह से पहले चिंता
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
आलंदी वाले हिस्से में इंद्रायणी नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत तैर रही है। संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि समारोह से पहले लोगों में फिक्र है।
पिंपरी चिंचवड: आलंदी वाले हिस्से में इंद्रायणी नदी की सतह पर जहरीली सफेद झाग की मोटी परतें तैरती दिखी हैं। इससे नदी के बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। यह नदी लाखों श्रद्धालुओं के लिए पवित्र मानी जाती है।
आलंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि समारोह आने वाला है और उसमें श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद है। ऐसे में नदी की यह हालत देखकर स्थानीय लोग परेशान हैं। इस मौके पर बहुत से श्रद्धालु नदी पर जाते हैं और आचमन करते हैं, यानी पानी की घूंट लेते हैं। नदी की सतह पर झाग साफ दिख रही है, इसलिए लोग पूछ रहे हैं कि क्या इस गंदे पानी के संपर्क में आने से सेहत को नुकसान हो सकता है।
रहने वालों का कहना है कि नदी की धार्मिक और स्थानीय अहमियत के बावजूद इस समस्या को रोकने के लिए कोई पक्का कदम नहीं उठाया गया है। यही वजह है कि झाग बार-बार लौट आती है।
इलाके की एक महिला ने कहा कि अधिकारियों को पता लगाना चाहिए कि नदी में आने वाला सीवेज कहां से आ रहा है और उसे काबू में लाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि पानी के सैंपल बिना देर किए लिए जाएं, उनकी जांच हो और नतीजे सबके सामने रखे जाएं। उनके मुताबिक, जो भी पर्यावरण के नियमों को तोड़कर नदी में दूषित पानी छोड़ता पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रहने वालों ने कहा कि इंद्रायणी सिर्फ एक जलस्रोत नहीं है। वह लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा है और आसपास के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि बार-बार दिखने वाली इस सफेद झाग की ठीक-ठीक वजह पता की जाए और नदी को गंदा करने वालों पर कार्रवाई हो।
फिलहाल लोगों की नजर इस पर है कि समारोह से पहले नदी की हालत को लेकर अधिकारी क्या करते हैं, क्योंकि भीड़ के साथ आचमन करने वालों की गिनती भी बढ़ेगी और झाग वाले पानी से सेहत का सवाल उसी के साथ और बड़ा हो जाएगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।