आंबा घाट में सुरंग की तैयारी, गडकरी ने DPR बनाने को कहा, रत्नागिरी-कोल्हापुर करीब एक घंटे में
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उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्तावित सुरंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।
कोंकण और पश्चिम महाराष्ट्र के बीच सड़क का सफर आने वाले दिनों में बदल सकता है। आंबा घाट इलाके से गुजरने वाली एक सुरंग का प्रस्ताव है और राज्य सरकार अब उसका विस्तृत आकलन करने की तरफ बढ़ रही है। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अफसरों को इस प्रस्तावित सुरंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने को कहा है।
सामंत ने यह जानकारी 3 नवंबर को दी। उनके मुताबिक उन्होंने करीब दो महीने पहले दिल्ली में गडकरी से हुई मुलाकात में यह प्रस्ताव रखा था। उस बातचीत के बाद अफसरों को DPR की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। बताया गया है कि शुरुआती प्रशासनिक काम शुरू हो चुका है।
मंत्री का कहना है कि इस सुरंग के बन जाने पर कोल्हापुर जिले के कागल और रत्नागिरी के बीच का सफर घटकर लगभग एक घंटे का रह सकता है। हालांकि यह सिर्फ एक अंदाजा है। असल में कितना वक्त लगेगा, यह तभी साफ होगा जब रूट और तकनीकी ब्योरे तय हो जाएंगे।
अभी रत्नागिरी और कोल्हापुर के बीच चलने वाले वाहनचालकों को आंबा घाट की घुमावदार सड़क और खड़ी चढ़ाई से गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में यह रास्ता और मुश्किल हो जाता है, क्योंकि तेज बारिश से गाड़ी चलाना कठिन होता है और सफर में ज्यादा वक्त लगता है।
सुरंग बनने पर दोनों इलाकों के बीच ज्यादा सीधा कनेक्शन मिल सकता है। इससे रोज आने-जाने वालों, ट्रांसपोर्ट चलाने वालों और कारोबारियों को आसानी हो सकती है। कोंकण के तट और पश्चिम महाराष्ट्र के औद्योगिक केंद्रों के बीच जुड़ाव भी मजबूत हो सकता है।
फिलहाल परियोजना योजना के चरण में ही है। सुरंग का अलाइनमेंट, लंबाई, निर्माण का खर्च, मंजूरियां और काम का शेड्यूल DPR में सामने आने वाली बातों और उसके बाद होने वाले सरकारी फैसलों पर निर्भर करेगा।
सामंत ने रत्नागिरी और कोल्हापुर के बीच मौजूदा सड़कों को बेहतर करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों के अफसरों से सड़कों की क्वालिटी पर ध्यान देने और बाईपास के अटके हुए काम जल्दी निपटाने को कहा गया है, ताकि ट्रैफिक आसानी से चल सके।
मंत्री ने रत्नागिरी और पूरे कोंकण इलाके को उद्योगों में निवेश की जगह के तौर पर भी पेश किया। कोल्हापुर के आसपास औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उद्यमियों को समुद्र किनारे के इलाकों में मौजूद मौकों पर भी गौर करना चाहिए।
इसके अलावा उद्योग विभाग अगले पखवाड़े में कोल्हापुर और सातारा के बड़े IT सेक्टर उद्यमियों के साथ एक वर्कशॉप करने की तैयारी में है। इस बातचीत का मकसद टेक्नोलॉजी कंपनियों और नए निवेश को इन दोनों जिलों में लाने के मौके तलाशना है।
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