ठाणे में पानी बचाने की तैयारी, TMC 90 कुओं की मरम्मत में जुटी, लीकेज पर भी नजर
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ठाणे महानगरपालिका ने कम बारिश की आशंका के बीच पानी के इंतजाम की योजना शुरू की है।
ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने आने वाले महीनों में पानी की सप्लाई संभालने के लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं। चिंता यह है कि Super El Nino के असर से बारिश कम हो सकती है और जलभंडार पर दबाव पड़ सकता है।
म्युनिसिपल कमिश्नर सौरभ राव ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि मौजूद पानी के स्टॉक का सख्ती से हिसाब रखा जाए। साथ ही सार्वजनिक कुओं और बोरवेल के पानी का इस्तेमाल बढ़ाया जाए, लीकेज रोके जाएं, अनधिकृत नल कनेक्शन पर कार्रवाई हो और ट्रीट किए हुए गंदे पानी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए।
इसी के तहत महानगरपालिका 90 कुओं की सफाई और मरम्मत कर रही है और वहां पंप लगा रही है, ताकि पीने के अलावा दूसरे कामों के लिए पानी मिल सके। यह काम नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
TMC 35 कुओं पर अल्ट्रा-फिल्ट्रेशन और रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) सिस्टम भी लगा रही है, ताकि उनका पानी पीने लायक बन सके। 12 कुओं का काम पूरा हो चुका है और वे चालू हैं। आठ और कुओं के नवंबर 2026 में चालू होने की उम्मीद है, जबकि बाकी 15 का काम फरवरी 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। महानगरपालिका 210 म्युनिसिपल और 205 निजी कुओं के जलस्तर पर भी नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल बढ़ाएगी।
ठाणे में कुल 2,024 बोरवेल हैं। इनमें से 392 बंद पड़े बोरवेल दुरुस्त किए जा चुके हैं और बाकी की मेंटेनेंस का काम चल रहा है। मानसून में भूजल बढ़ाने और बोरवेल की पानी देने की क्षमता सुधारने के लिए 80 बोरवेल पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पिट लगाने की योजना है। इसके अलावा स्कूल, गार्डन, खेल के मैदान और झुग्गी इलाकों जैसी जगहों पर 40 नए बोरवेल खोदे जाएंगे, जिनका पानी पीने के अलावा दूसरे कामों में लगेगा।
बड़ी पानी की पाइपलाइनों में लीकेज ढूंढने के लिए CCTV कैमरे वाले रोबोट और रडार तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। लीक पकड़ने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए और भी आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं।
अनधिकृत कनेक्शन के खिलाफ खास मुहिम चल रही है। 1 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 के बीच 427 अनधिकृत कनेक्शन पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा 14 सितंबर 2025 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच अनधिकृत इमारतों के खिलाफ कार्रवाई में 820 नल कनेक्शन काटे गए और 122 बोरवेल व 48 मोटर जब्त किए गए।
पानी की अवैध बिक्री रोकने के लिए टैंकर भरने की जगहों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। TMC अपने पानी के टैंकरों में GPS लगाने की भी योजना बना रही है। सर्विस सेंटर और गैराज में गाड़ी धोने के लिए जेट स्प्रे पर रोक लगाई गई है और गाड़ियों में पानी दोबारा भरना जरूरी किया गया है। इसके लिए सर्वे और कार्रवाई चल रही है।
प्रशासन ने साफ किया है कि ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट पा चुकी इमारतों की पानी सप्लाई बंद करने का फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। नई और पुरानी इमारतों को पानी पीने के पानी की उपलब्धता के हिसाब से दिया जाएगा।
मेट्रो, आनंद नगर-साकेत एलिवेटेड रोड, ठाणे-बोरीवली टनल और कोस्टल रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट में लगी एजेंसियों से भी पानी बर्बाद न करने को कहा गया है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट (TTP) का ट्रीट किया हुआ पानी सड़क की सफाई, रोड डिवाइडर, पेड़ों, गार्डन और खेल के मैदानों में पीने के पानी की जगह इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी सोच-समझकर खर्च करें, लीकेज की जानकारी तुरंत दें और बचत के उपायों में सहयोग करें।
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