ठाणे महानगरपालिका की बैन प्लास्टिक पर कार्रवाई, अक्टूबर में 69,100 रुपये जुर्माना वसूला
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ठाणे महानगरपालिका ने प्रतिबंधित प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ शहर भर में मुहिम चलाई, 214 प्रतिष्ठानों की जांच की और 30 किलो प्लास्टिक जब्त किया।
ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियों और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम छेड़ी है। अक्टूबर में चली इस कार्रवाई में 30 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया और कुल 69,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
यह मुहिम महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव के निर्देश पर शुरू हुई। कार्रवाई दुकानों और प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सड़क किनारे के विक्रेताओं पर भी हुई, और उन लोगों पर भी जो शहर में गंदगी फैलाते पाए गए।
मुहिम के दौरान बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में कुल 214 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जो लोग नियमों का उल्लंघन करते मिले, उनसे जुर्माना वसूला गया। अफसरों ने मौके पर ही 30 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया।
TMC ने नागरिकों, व्यापारियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों और सड़क किनारे के विक्रेताओं से अपील की है कि वे प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियां, प्लास्टिक के चम्मच और सिंगल यूज प्लास्टिक की दूसरी चीजें इस्तेमाल न करें। उनसे कपड़े की थैलियों और पर्यावरण के अनुकूल दूसरे विकल्पों की तरफ जाने को कहा गया है।
महानगरपालिका ने शहर के लोगों से यह भी कहा है कि ठाणे को साफ और पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ बनाए रखने की इस मुहिम में सहयोग करें।
इस कार्रवाई में उप मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, स्वच्छता निरीक्षक, प्रदूषण नियंत्रण और अतिक्रमण विभाग के अधिकारी, सुपरवाइजरी स्टाफ और सफाई कर्मचारी शामिल थे। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने मिलकर जांच की और प्लास्टिक के इस्तेमाल के नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों पर दंडात्मक कार्रवाई की।
TMC के प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने कहा है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ जांच और कार्रवाई आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी।
इसी बीच मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने लोगों से अपील की है कि वे खाना प्लास्टिक की थैलियों में फेंकना बंद करें। उन्होंने बताया कि आवारा मवेशी प्लास्टिक कचरा निगल लेते हैं। बताया गया है कि हाल ही में एक गाय के पेट से सर्जरी के दौरान 40-50 किलो तक प्लास्टिक निकाला गया। महापौर की यह अपील 21 अक्टूबर को घाटकोपर में दो दिन के मुफ्त पशु शल्य चिकित्सा शिविर के उद्घाटन के मौके पर आई।
शिविर का मुआयना करते हुए महापौर ने आवारा मवेशियों पर प्लास्टिक कचरे के नतीजों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर जानवरों को प्लास्टिक की थैली में खाना देते हैं या बचा हुआ खाना प्लास्टिक में लपेटकर सड़कों पर छोड़ देते हैं। भूखी गाय और भैंस खाने के साथ थैली भी खा जाती हैं, जिससे उनकी सेहत खतरे में पड़ती है।
तावड़े ने कहा कि गाय के पेट से सर्जरी में 40-50 किलो प्लास्टिक निकलना बेहद दुखद नजारा था। उन्होंने नागरिकों से कचरा सोच-समझकर फेंकने और मुंबई, महाराष्ट्र और पूरे देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में काम करने की अपील की।
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