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बकाया ई-चालान पर 20 फीसदी तक की छूट, कैबिनेट ने दी अभय योजना को मंजूरी

बकाया ई-चालान पर 20 फीसदी तक की छूट, कैबिनेट ने दी अभय योजना को मंजूरी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 शहर डेस्क

महाराष्ट्र सरकार ने बकाया ट्रैफिक जुर्माने की वसूली के लिए अभय योजना शुरू की है। पात्र ई-चालान पर 20 फीसदी तक की छूट मिलेगी।

अगर आपके नाम पर ट्रैफिक चालान बकाया है, तो उसे निपटाने का सस्ता मौका आ गया है। महाराष्ट्र कैबिनेट ने पुराने और नए चालान का जुर्माना भरने वालों के लिए "महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस अभय योजना-2026" को हरी झंडी दे दी है। योजना में पात्र चालान की रकम पर 20 फीसदी तक की छूट मिलेगी। कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई। बैठक में योजना की अधिसूचना को भी मंजूरी दी गई।

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइवरों और गाड़ी मालिकों से जुर्माना मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत लिया जाता है। इसकी वसूली के लिए राज्य में 30 जनवरी 2019 से "एक राज्य एक चालान" प्रोजेक्ट चल रहा है। इसी के साथ ई-चालान का सिस्टम शुरू हुआ। नियम तोड़ने वाले का चालान ऑनलाइन कटता है और मैसेज सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचता है। वसूली के लिए कई तरीके आजमाए गए, मगर लोगों ने जुर्माना भरने में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई।

आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। 2019 में ई-चालान शुरू होने के बाद से ट्रैफिक पुलिस करीब 1 करोड़ 57 लाख चालान काट चुकी है। इन पर कुल 1,577 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा, लेकिन सरकारी खजाने में सिर्फ 185 करोड़ रुपये आए, यानी करीब 12 फीसदी। अभी राज्य में 99 लाख से ज्यादा ई-चालान की रकम बाकी है, जो कुल 1,392 करोड़ रुपये बैठती है। इसमें वे चालान भी हैं जो वसूली के लिए कोर्ट भेजे जा चुके हैं।

सरकार का कहना है कि दूसरे राज्य जुर्माने में छूट देकर वसूली बढ़ा चुके हैं और लोगों को नियम मानने की तरफ भी ले आए हैं। उसी राह पर चलते हुए महाराष्ट्र ने भी पेंडिंग जुर्माना निपटाने के लिए एक बार की छूट देने का फैसला किया है। योजना तीन चरणों में चलेगी।

पहले चरण में वे चालान आएंगे जो 21 जनवरी 2026 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच जारी हुए और जिनकी वसूली बाकी है। इनकी कुल बकाया रकम पर 20 फीसदी तक की एक बार की छूट होगी। गाड़ी वालों को इसके लिए 30 दिन का वक्त मिलेगा।

दूसरा चरण 1 नवंबर 2026 के बाद कटने वाले चालान का है। चालान जारी होने की तारीख से 45 दिन के भीतर जुर्माना भर दिया, तो ऐसे सभी चालान पर जल्दी भुगतान की 20 फीसदी छूट मिलेगी। यह सुविधा आगे एक साल तक चालू रहेगी।

तीसरा चरण उन चालान के लिए है जो 30 जनवरी 2019 से 20 जनवरी 2026 के बीच जारी हुए और वसूली के लिए कोर्ट में दाखिल हैं। ये आपसी समझौते से निपटाए जा सकने वाले (कंपाउंडेबल) चालान होने चाहिए। इनकी कुल बकाया रकम पर 20 फीसदी तक की छूट मिल सकती है और इसके लिए भी 30 दिन की मियाद रहेगी।

छूट का वक्त निकलने के बाद सख्ती के संकेत भी साफ हैं। जो गाड़ियां बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ती मिलेंगी, उन पर सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के रूल 21 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई हो सकती है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करना, गाड़ी से जुड़े लेनदेन रोकना और गाड़ी जब्त करना शामिल है।

ट्रांसपोर्टरों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सलाहकार और पूर्व अध्यक्ष बाल मलकीत सिंह ने सरकार के कदम की तारीफ की। साथ ही उन्होंने कुछ मांगें भी रखीं। उनका कहना है कि कमर्शियल गाड़ियों की सभी पात्र श्रेणियां और उनके पेंडिंग चालान योजना में जोड़े जाएं। जुर्माना भरने का तरीका आसान और साफ-सुथरा हो, और तय वक्त में काम पूरा हो सके। ट्रांसपोर्टरों को पूरा समय और साफ गाइडलाइन भी दी जाए।

अब नजर इस पर रहेगी कि बकाया चालान वाले वाहन चालकों को यह योजना असल में कितनी राहत देती है और सरकार की वसूली कितनी बढ़ती है।

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