येवई जलाशय चालू, मुंबई-ठाणे में सात दिन उबालकर और छानकर पिएं पानी; ठाणे में हर बुधवार कटौती भी
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येवई बैलेंसिंग रिजर्वायर की मरम्मत के बाद ठाणे महानगरपालिका ने पिसे-पांजरापुर पाइपलाइन से पानी पाने वाले इलाकों के लोगों को एहतियात बरतने को कहा है।
मुंबई, पूर्वी उपनगरों और ठाणे-भिवंडी के कई इलाकों में रहने वालों को अगले सात दिन पीने का पानी पहले उबालना होगा और फिर छानकर ही पीना होगा। पिसे-पांजरापुर सिस्टम के येवई बैलेंसिंग रिजर्वायर के कंपार्टमेंट नंबर 2 की मरम्मत खत्म हो चुकी है और बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को इसे दोबारा चालू कर दिया गया। इसी वजह से बीएमसी और ठाणे महानगरपालिका ने एहतियात के तौर पर यह सलाह जारी की है।
अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत के बाद कंपार्टमेंट को चालू करने के दौरान नलों में आने वाले पानी की क्वालिटी पर असर पड़ने का अंदेशा है। यह कोई बीमारी फैलने की खबर नहीं है, बल्कि सेहत के संभावित खतरे को पहले ही कम करने की कोशिश है। बीएमसी ने पहले अपने इलाकों के लिए नोटिस निकाला और उसके बाद ठाणे महानगरपालिका ने भी अपने हिस्से के लोगों से यही बात कही।
मुंबई शहर में सलाह इन वार्ड पर लागू है। ए वार्ड में नेवल डॉकयार्ड और बीपीटी का इलाका आता है। बी, ई, एफ-साउथ और एफ-नॉर्थ वार्ड में तो पूरे के पूरे वार्ड को शामिल किया गया है।
पूर्वी उपनगरों में टी वार्ड के मुलुंड ईस्ट और मुलुंड वेस्ट पर यह सलाह लागू है। एस वार्ड से भांडुप, नाहुर, कांजुरमार्ग और विक्रोली ईस्ट गिने गए हैं। एन वार्ड में विक्रोली और घाटकोपर का जिक्र है, जबकि एल वार्ड में कुर्ला ईस्ट आता है। एम-ईस्ट और एम-वेस्ट वार्ड भी पूरी तरह इसके दायरे में हैं। ठाणे और भिवंडी के वे हिस्से भी इसमें जुड़ते हैं, जहां बीएमसी के नेटवर्क से पानी पहुंचता है।
ठाणे शहर में बीएमसी की पिसे-पांजरापुर पाइपलाइन से कनेक्शन लेने वाली बस्तियों के लिए यही हिदायत है। इनमें हाजुरी, लुईसवाडी, काजूवाडी, जीजामाता नगर, रघुनाथ नगर, नामदेव वाडी और साईनाथ नगर हैं। साथ ही रामचंद्र नगर नंबर 1, कोपरी-आनंदनगर, राम मारुति रोड और मासुंदा तालाब का इलाका भी है। जांभळी नाका, खारकर आळी, महागिरी, कोलीवाडा और पाटीलवाडी के लोग भी इसमें आते हैं। आखिर में बी-कैबिन, टेकडी बंगला, भक्ति मंदिर रोड और पाचपाखाडी का नाम भी सूची में है। जो परिवार रोजाना के पानी के लिए इसी पाइपलाइन पर टिके हैं, उनके लिए यह एहतियात खासकर जरूरी है। ठाणे में यह सलाह सिर्फ इन्हीं इलाकों के लिए है, पूरे शहर के लिए नहीं।
रिजर्वायर भले ही चालू हो गया हो, फिर भी प्रशासन चाहता है कि पूरे सात दिन तक यह तरीका अपनाया जाए। नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।
इसी बीच ठाणे वालों के लिए एक और खबर है। ठाणे महानगरपालिका ने तय किया है कि पूरे शहर में हर बुधवार पानी की सप्लाई में 10 फीसदी की कटौती होगी। वजह है एल नीनो का संभावित असर और सूखे जैसी हालत की आशंका, जिसे देखते हुए मौजूद पानी का स्टॉक संभालकर चलाना है। राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों से कहा है कि वे पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और पीने के पानी को पहली जगह दें। सरकारी प्रस्ताव में पूरे महाराष्ट्र में 31 अगस्त 2027 तक स्टॉक के हिसाब-किताब से इस्तेमाल की बात कही गई है।
नई व्यवस्था में कई इलाकों में बुधवार सुबह 9 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक पूरे 24 घंटे नल सूखे रहेंगे। कटौती महानगरपालिका के अपने नेटवर्क और स्टेम वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्रा. लि. के जरिए की जाएगी। इसकी शुरुआत आज ही यानी 28 अक्टूबर की सुबह 9 बजे से हो रही है और 29 अक्टूबर की सुबह 9 बजे तक चलेगी।
पहले दौर की मार घोड़बंदर रोड, लोकमान्य नगर, वर्तक नगर, साकेत, ऋतु पार्क, जेल, गांधी नगर, रुस्तमजी, सिद्धाचल, इंदिरा नगर, रूपादेवी, श्री नगर, समता नगर, सिद्धेश्वर, इटर्निटी और जॉनसन पर पड़ेगी। मुंब्रा और कळवा के भी कुछ हिस्से इसमें हैं। इनमें घर भी हैं और दुकान-दफ्तर भी।
प्रशासन ने इन इलाकों के लोगों से कहा है कि वे पहले से पानी भरकर रख लें और बुधवार को कटौती के दिन भंडार को नाप-तौलकर खर्च करें, ताकि दिक्कत कम से कम हो। इस तरह ठाणे के कुछ लोगों को एक तरफ पानी उबालकर छानना है और दूसरी तरफ हर बुधवार नल बंद रहने की तैयारी भी रखनी होगी।
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