ठाणे में सर्विस सेंटरों पर गाड़ी धोने के लिए पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक
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ठाणे महानगरपालिका ने अल नीनो के संभावित असर से पानी की किल्लत की चिंता के बीच सर्विस सेंटरों में गाड़ी धोने पर पाबंदियां लगाई हैं।
ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने शहर भर के सर्विस सेंटरों में गाड़ियां धोने पर पाबंदियां लगा दी हैं। अब इन जगहों पर पीने का पानी, बोरवेल का पानी और कुएं का पानी गाड़ी धोने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। वजह यह चिंता है कि अल नीनो के संभावित असर से आगे पानी की किल्लत हो सकती है।
महानगरपालिका ने यह निर्देश बुधवार, 28 अक्टूबर को जारी किया। इसमें शहर के लोगों और वाहन सर्विस सेंटरों से कहा गया है कि पानी सोच-समझकर इस्तेमाल करें और बेवजह बर्बादी से बचें। यह पाबंदी दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और दूसरे सभी वाहनों पर लागू है।
नई पाबंदियों के तहत सर्विस सेंटरों और गैराज को कहा गया है कि गाड़ी धोने के लिए पीने के पानी, बोरवेल या कुएं के पानी का इस्तेमाल न करें। गाड़ियां साफ करने के लिए प्रेशर जेट के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।
हालांकि महानगरपालिका ने साफ किया है कि बाल्टी में इकट्ठा किए पानी से गीले कपड़े के साथ गाड़ी पोंछने की इजाज़त रहेगी। मकसद पानी की खपत घटाना है, लेकिन गाड़ी की बुनियादी सफाई भी चलती रहे और पानी ज़्यादा न बहे।
वॉटर सप्लाई डिपार्टमेंट ने चेतावनी दी है कि जो सर्विस सेंटर इन निर्देशों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ये पाबंदियां इस चिंता के बीच आई हैं कि अल नीनो के संभावित असर से सूखे जैसे हालात बन सकते हैं और मौजूदा जल स्रोतों पर दबाव पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से पानी का ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है ताकि किल्लत से बचा जा सके।
एक सरकारी प्रस्ताव (government resolution) के मुताबिक 31 अगस्त 2027 तक मौजूद संसाधनों के नियोजित प्रबंधन से पीने के पानी की आपूर्ति सुरक्षित करने के कदम उठाए जा रहे हैं। ठाणे महानगरपालिका ने गाड़ी धोने पर यह रोक पानी बचाने की इन्हीं बड़ी कोशिशों के हिस्से के तौर पर लगाई है।
महानगरपालिका ने शहर के लोगों से प्रशासन का साथ देने और ऐसे कामों में पीने के पानी का इस्तेमाल न करने की अपील की है जो कम पानी में हो सकते हैं। उसका कहना है कि मौजूदा सप्लाई का सबसे अच्छा इस्तेमाल ज़रूरी है, खासकर इसलिए कि आने वाले महीनों में जल संसाधनों के प्रबंधन की तैयारी चल रही है।
लोगों से यह भी कहा गया है कि रोज़मर्रा के कामों में गैर-ज़रूरी पानी खर्च न करें और बर्बादी घटाने वाले तरीके अपनाएं। यह अपील वाहन मालिकों, गैराज और सर्विस सेंटरों तक भी जाती है, जिनसे पाबंदियों का पालन करने को कहा गया है।
वॉटर सप्लाई डिपार्टमेंट के मुताबिक ये कदम मौजूद पानी को बचाने और संभावित किल्लत की आशंका के बीच पीने के पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए हैं। महानगरपालिका ने संकेत दिया है कि पूरे शहर में पानी का ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए इन पाबंदियों का पालन अहम होगा।
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