मुंबई में महायुति की पदयात्रा, चव्हाण बोले कांग्रेस फैला रही है झूठी बातें
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भाजपा और महायुति के सहयोगियों ने रविवार को मुंबई में 'लोकशाही बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महायुति में उसके सहयोगी दलों ने रविवार को मुंबई में 'लोकशाही बचाओ, अराजकता हटाओ' (यानी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ) नाम से पदयात्रा निकाली। इस मौके पर भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह न्यायपालिका और संसद जैसी संवैधानिक संस्थाओं के बारे में झूठी बातें फैला रही है।
चव्हाण का कहना था कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में विकास पर केंद्रित शासन देख रहा है, लेकिन विपक्ष जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश में लगा है। उन्होंने कहा, "ऐसे वक्त में जब पूरा देश पीएम मोदी के नेतृत्व में विकासोन्मुख शासन का दौर देख रहा है, विपक्षी कांग्रेस पार्टी बिना किसी वाजिब वजह के हमारी स्थापित संस्थाओं, जिनमें न्यायपालिका और संसद भी शामिल हैं और जो संविधान के मुताबिक काम करती हैं, के बारे में झूठी बातें फैलाकर जनता में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। ऐसी हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं।"
पदयात्रा क्यों निकाली गई, इस पर भी चव्हाण ने सफाई दी। उनके मुताबिक महायुति ने यह पदयात्रा इन्हीं मुद्दों को उठाने के लिए आयोजित की है। विपक्ष का दावा है कि यह यात्रा जवाबी कदम के तौर पर निकाली गई है। इस दावे को खारिज करते हुए चव्हाण ने कहा, "सच यह है कि यह पदयात्रा खास तौर पर विपक्ष की गलत हरकतों की वजह से आयोजित की गई है।"
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके साथियों पर निशाना साधा। म्हस्के ने आरोप लगाया कि उनकी गतिविधियां संविधान के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, "हम यहां राहुल गांधी और उनकी पूरी मंडली की गतिविधियों का विरोध करने जमा हुए हैं, ऐसी हरकतें जो देश के संविधान के खिलाफ जाती हैं... पूरा देश और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े हैं।"
ये बयान ऐसे वक्त आए हैं जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की रविवार को हरियाणा के रोहतक में पदयात्रा तय है। यह पदयात्रा पार्टी के देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का हिस्सा है। अभियान का मकसद मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है। रोहतक की यात्रा छोटू राम पॉलिटेक्निक ग्राउंड से शुरू होगी और मॉडल टाउन के डी-पार्क में खत्म होगी, जहां नबीन महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाएंगे।
अभियान के तहत भाजपा SIR और चुनावी प्रक्रिया पर अपनी बात सीधे जनता तक पहुंचाना चाहती है। पार्टी कार्यकर्ताओं से उम्मीद है कि वे गांवों और घरों में जाएंगे, ताकि उस बात का जवाब दे सकें जिसे भाजपा गलत जानकारी और झूठी बातें बताती है। यात्रा में राज्य के भाजपा नेता, वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे।
इस बीच दिल्ली में सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। वजह यह है कि वहां रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली है और पश्चिमी दिल्ली में भाजपा की जवाबी यात्रा। विपक्षी इंडिया गठबंधन रामलीला मैदान में बड़ी 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' रैली कर रहा है। उसकी मांग है कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। वहीं सत्ताधारी भाजपा पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद में जवाबी मार्च निकाल रही है। पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने उस हिंसा की बरसी के दिन राजनीतिक रैली रखी।
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