गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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ठाणे में प्रदीप पूर्णेकर की हत्या: परिवार हाईकोर्ट पहुंचा, SIT जांच पर उठाए सवाल

जुर्म PT24 अपराध डेस्क

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता प्रदीप पूर्णेकर के परिवार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखल कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कोर्ट की निगरानी की मांग की है।

ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की जांच पर अब सवाल उठ गए हैं। पूर्णेकर के परिवार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखल की है और विशेष जांच दल (SIT) की जांच में कथित खामियों पर आपत्ति जताई है।

याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। साथ ही यह भी मांग है कि जांच हाईकोर्ट की निगरानी में हो। यह याचिका पूर्णेकर के बेटे और शिकायतकर्ता मंदार घोडके ने दाखिल की है।

29 सितंबर 2026 को ठाणे में उनके दफ्तर के पास अज्ञात हमलावरों ने प्रदीप पूर्णेकर को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद से परिवार जांच की रफ्तार से नाराज है। उसका सवाल है कि जांच एजेंसी को अहम सबूत सौंपे गए थे, तो क्या उनकी ठीक से जांच हुई भी है।

याचिका के मुताबिक जांच शुरू हुए एक महीने से ज्यादा हो चुका है, फिर भी SIT किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची है। परिवार ने कुछ लोगों पर शक जताया था और उनके खिलाफ सबूत भी दिए थे। फिर भी उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, यह सवाल भी याचिका में उठाया गया है।

जांच में कथित खामियों को लेकर SIT प्रमुख और ठाणे क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमरसिंह जाधव को कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग भी की गई है।

शुरू में इस मामले की जांच कापूरबावडी पुलिस के पास थी। बाद में 23 सदस्यों की SIT बनाई गई। अब तक इस हत्या के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सबूत जुटाने के तरीके पर भी याचिका में सवाल हैं। आरोप है कि हमले के वक्त आरोपियों ने जो कपड़े पहने थे, वे जब्त नहीं किए गए। परिवार का दावा है कि इन कपड़ों पर खून के धब्बे हो सकते थे और फॉरेंसिक जांच से अहम सबूत मिल सकते थे।

याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही प्रदीप पूर्णेकर के दो मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए गए थे। आरोप है कि इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई। इसी वजह से डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने को लेकर चिंता जताई गई है।

याचिका में उत्तर प्रदेश की विशेष टास्क फोर्स (STF) की प्रेस नोट का भी जिक्र है। परिवार का दावा है कि हिरासत में मौजूद आरोपी संतोष कनोजिया ने दूसरों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने की बात कबूल की है। परिवार का आरोप है कि SIT ने इस सामग्री को अपनी जांच में पूरी तरह शामिल नहीं किया।

याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि चश्मदीद गवाहों की पहचान और उनके बयान गोपनीय रखे जाएं। गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।

जस्टिस ए. एस. गडकरी और जस्टिस कमल खता की बेंच के सामने इस मामले का उल्लेख किया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई 5 दिसंबर 2026 को तय की है।

इस बीच ठाणे के पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने कहा है कि जांच सही दिशा में चल रही है। परिवार के आरोपों की जांच कोर्ट की ओर से होना अभी बाकी है। इस याचिका पर होने वाली सुनवाई से हत्या की आगे की जांच को अहम मोड़ मिलने की संभावना है।

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