गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को सुप्रीम कोर्ट से राहत, नोटिस वापस, वेतन पर लगी रोक हटी

बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को सुप्रीम कोर्ट से राहत, नोटिस वापस, वेतन पर लगी रोक हटी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 शहर डेस्क

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कमिश्नर अश्विनी भिड़े को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस वापस ले लिया। साथ ही कमिश्नर और उनके पर्सनल स्टाफ की मासिक तनख्वाह के भुगतान पर जो पाबंदियां लगी थीं, वे भी हटा दीं। यह फैसला तब आया जब महानगरपालिका ने कोर्ट को बताया कि उसने पहले के निर्देशों का पालन करने के लिए कदम उठा लिए हैं।

यह सुनवाई 4 नवंबर को हुई। इससे एक दिन पहले, यानी 3 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया था। बुधवार को कोर्ट ने 3 नवंबर के उस आदेश के पैराग्राफ 1 से 3 वापस ले लिए। इसी से कारण बताओ नोटिस और तनख्वाह से जुड़ी पाबंदियां खत्म हो गईं।

सुनवाई में BMC की तरफ से सीनियर एडवोकेट आर पी भट पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि महानगरपालिका ने 13 नवंबर 2025 और 28 जुलाई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए जरूरी कदम उठा लिए हैं। भट ने कहा कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट यानी अदालत की अवमानना वाली स्थिति अब संभाल ली गई है। उन्होंने बेंच से 3 नवंबर का आदेश वापस लेने की अपील की।

तीन जजों की बेंच की अगुवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया कर रहे थे। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना भी थे। बेंच ने भट की बात दर्ज की और 3 नवंबर के आदेश के पैराग्राफ 1 से 3 वापस ले लिए। हालांकि बेंच ने साफ किया कि पुराने निर्देशों का पालन कितना हुआ है, इस पर वह इस stage पर कोई राय नहीं दे रही है।

कोर्ट ने BMC कमिश्नर को यह भी निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले वे एक पर्सनल एफिडेविट दाखिल करें। इसमें उन्हें बताना होगा कि कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि 3 नवंबर के आदेश के पैराग्राफ 5 और 6 पहले की तरह लागू रहेंगे।

इसी बीच बुधवार को BMC ने बोरीवली में कार्रवाई की। महानगरपालिका ने मुंबई में बस स्टेशन के लिए आरक्षित एक प्लॉट से 27 कमर्शियल ढांचे हटाए। यह कार्रवाई उस दिन के ठीक बाद हुई, जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशों का पालन न होने पर महानगरपालिका के प्रमुख की तनख्वाह रोकने का आदेश दिया था।

मुंबई महानगरपालिका ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि यह जमीन पश्चिमी उपनगर बोरीवली ईस्ट में स्वामी विवेकानंद रोड पर है और वहां से अतिक्रमण साफ कर दिया गया है।

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