बोरीवली BEST डिपो अतिक्रमण केस में सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद BMC ने मांगी माफी
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बोरीवली में BEST बस डिपो के लिए आरक्षित भूखंड पर अतिक्रमण हटाने में देरी के मामले में मुंबई महापालिका (BMC) ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली है। इससे पहले अदालत ने महापालिका आयुक्त अश्विनी भिडे के वेतन को रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इस मामले में आज अहम मोड़ आया।
सुप्रीम कोर्ट ने आयुक्त अश्विनी भिडे के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अदालत के दो आदेशों का पालन न करने पर उसने आयुक्त को फटकार लगाई। आयुक्त ने और वक्त मांगने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। साथ ही मुंबई महापालिका पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अवमानना मामले का फैसला होने तक आयुक्त और संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। महापालिका की दलील थी कि मराठी कागज़ात का अंग्रेज़ी में अनुवाद करने में वक्त लगा। अदालत ने यह दलील नहीं मानी।
अब महापालिका की तरफ से वरिष्ठ वकील ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच को बताया कि अदालत के आदेश के मुताबिक सारे अनधिकृत निर्माण हटा दिए गए हैं। वकील ने इससे पहले प्रशासन का पक्ष रखते हुए जो सफाई दी थी, उसके लिए अदालत से निजी तौर पर माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपनी गलती का एहसास हो गया है। महापालिका के वकील ने यह भी बताया कि कल तक अदालत में अनुपालन हलफनामा (Compliance Affidavit) दाखिल किया जाएगा।
बोरीवली के BEST बस डिपो की जगह को लेकर मुंबई महापालिका (BMC) और एक निजी डेवलपर के बीच कई सालों से कानूनी लड़ाई चल रही है। बोरीवली में सार्वजनिक BEST बस डिपो बनाने के लिए एक भूखंड आरक्षित रखा गया था। लेकिन इस जगह के कब्ज़े और इस्तेमाल को लेकर महापालिका और डेवलपर के बीच अदालती लड़ाई शुरू हो गई।
अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अहम निर्देश दिए थे। अदालत ने साफ किया कि संबंधित निजी डेवलपर इस भूखंड का खाली और शांतिपूर्ण कब्ज़ा मुंबई महापालिका को सौंपे। उस जगह पर बनी प्रशासकीय इमारत का कब्ज़ा भी BMC को देने के निर्देश दिए गए थे।
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