मनोरी डिसैलिनेशन प्लांट: 939 पेड़ दूसरी जगह लगेंगे, 28 पर कुल्हाड़ी चलेगी
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मनोरी में शहर के पहले डिसैलिनेशन प्लांट के मौजूदा चरण में 967 पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। प्रस्ताव अभी ट्री अथॉरिटी की मंजूरी के इंतजार में है।
मुंबई के पहले डिसैलिनेशन प्लांट के मनोरी में चल रहे चरण में कुल 967 पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों ने दी है। संबंधित विभाग का प्रस्ताव अभी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजर रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक यह प्रस्ताव BMC के सुपरिटेंडेंट ऑफ गार्डन एंड ट्री ऑफिसर के दफ्तर तक पहुंच चुका है, जहां इस पर सुनवाई होनी है। मौजूदा जरूरतों के हिसाब से 12 हेक्टेयर जमीन पर 28 पेड़ काटने पड़ेंगे। इनमें बड़े और पुराने पेड़ भी शामिल हैं। बाकी 939 पेड़, यानी 97 फीसदी, ज्यादातर कम उम्र के पाम और फर्न हैं और इन्हें दूसरी जगह लगाया जाएगा।
मामले की जानकारी रखने वाले एक नागरिक अधिकारी ने कहा, "939 पेड़ प्रोजेक्ट की जमीन की हद के भीतर ही ट्रांसप्लांट किए जाएंगे। जमीन और मौसम नहीं बदलेगा, इसलिए उनके बचने की संभावना बढ़ेगी।" ट्री अथॉरिटी मुआवजे के तौर पर नए पेड़ लगाने का आदेश भी दे सकती है। एक नागरिक अधिकारी के मुताबिक यह मामला अथॉरिटी की दिसंबर की बैठक में रखा जाना चाहिए।
आगे की प्रक्रिया यह है कि सुपरिटेंडेंट ऑफ गार्डन एंड ट्री ऑफिसर की सुनवाई में प्रस्ताव पर सुझाव, आपत्तियां और सिफारिशें आ सकती हैं। इसके बाद प्रस्ताव म्युनिसिपल सेक्रेटरी के पास जाएगा और फिर ट्री अथॉरिटी के पास। इस अथॉरिटी के अध्यक्ष निगम प्रमुख होते हैं और इसमें 25 सदस्य हैं। यह पैनल बदलाव और निर्देश सुझा सकता है, प्रस्ताव को मंजूर या नामंजूर कर सकता है।
वॉचडॉग फाउंडेशन के ट्रस्टी गॉडफ्रे पिमेंटा ने कहा, "मुंबई को ज्यादा पानी देने का मकसद टाली जा सकने वाली पर्यावरणीय तबाही को सही नहीं ठहरा सकता। प्रोजेक्ट चलाने वालों को दिखाना होगा कि दूसरी जगहों और दूसरे डिजाइनों को ठीक से परखा गया है और पेड़ों का नुकसान टाला नहीं जा सकता। यही ब्योरा जनता के सामने जांच के लिए भी होना चाहिए।"
वनशक्ति के डायरेक्टर स्टालिन डी ने कहा, "मुंबई में पेड़ों की खैर नहीं है। हम यह पहले कई बार देख चुके हैं। कागज पर सब वादे होते हैं, फिर जमीन पर कुछ नहीं दिखता। पेड़ों को दूसरी जगह लगाना महंगा और थकाऊ काम है। मुझे नहीं लगता कि BMC इसे सही तरीके से कर पाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए सार्वजनिक जमीन का वह खूबसूरत टुकड़ा बर्बाद हो जाएगा।"
प्रोजेक्ट एक नजर में: यह बोरीवली तालुका के मनोरी गांव में है। कुल जमीन करीब 29 हेक्टेयर है, जिसमें पहला चरण 12 हेक्टेयर का है। काम की शुरुआत 15 दिसंबर 2025 को हुई। 200 MLD की शुरुआती क्षमता (मौजूदा चरण) दिसंबर 2029 तक हासिल होनी है, जबकि 400 MLD का विस्तार 2030 की दूसरी छमाही में पूरा होना है। फिलहाल बड़ी CRZ और MoEFCC मंजूरियां मिल चुकी हैं, पर पेड़ों से जुड़ी इजाजतें ट्री अथॉरिटी से आनी बाकी हैं।
पेड़ों का हिसाब: पहले चरण की 12 हेक्टेयर जमीन पर 971 पेड़ हैं। इनमें से 4 बचे रहेंगे, 967 प्रभावित होंगे, 28 काटे जाएंगे और 939 दूसरी जगह लगाए जाएंगे।
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