यूपीएससी सिविल सर्विस मेन्स 2026: नौकरी में रहते दोबारा परीक्षा देने के नए नियम
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यूपीएससी सिविल सर्विस मेन्स 2026 का रिजल्ट जल्द आएगा। सेवा में रहते हुए दोबारा परीक्षा देने और रैंक सुधारने के नियम भी तय हुए हैं।
यूपीएससी सिविल सर्विस मेन्स परीक्षा 2026 का रिजल्ट जल्द ही घोषित होने वाला है। उम्मीदवार अपना रिजल्ट संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर देख सकेंगे।
UPSC CSE 2026 की मेन्स परीक्षा 21, 22, 23, 29 और 30 अगस्त 2026 को हुई थी। जो उम्मीदवार मेन्स पास करेंगे, उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। आखिरी मेरिट लिस्ट मेन्स और इंटरव्यू, दोनों के नंबरों के आधार पर ही बनती है। इस बार CSE 2026 के जरिए IAS और IPS समेत कुल 933 पद भरे जाएंगे।
पदों का बंटवारा इस तरह है: अनारक्षित (UR) के लिए 397, अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए 243, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 133, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 88 और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 72 पद हैं।
रिजल्ट की नाम के अनुसार PDF डाउनलोड करने का तरीका यह है। सबसे पहले UPSC के आधिकारिक पोर्टल upsc.gov.in पर जाएं। फिर रिजल्ट वाले सेक्शन में जाएं। होमपेज पर 'What's New' सेक्शन देखें या 'Examinations Written Results' पर क्लिक करें। वहां परीक्षा की संबंधित नोटिस चुनें, यानी 'सिविल सर्विस (मुख्य) परीक्षा परिणाम 2026 (नाम के अनुसार सूची PDF)' वाली लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद फाइल डाउनलोड करें। कंप्यूटर पर Ctrl + F दबाएं या मोबाइल और टैबलेट पर 'Find in page' का ऑप्शन इस्तेमाल करें, और अपना नाम या रोल नंबर टाइप करके अपनी स्थिति देख लें।
इस परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) समेत दूसरी अखिल भारतीय सेवाओं के लिए अधिकारी चुने जाएंगे।
CSE 2026 में कई नए नियम तय किए गए हैं, जिन्हें याद रखना जरूरी है। जो उम्मीदवार पहले ही UPSC CSE पास करके सेवा में आ चुके हैं, उनके दोबारा परीक्षा में बैठने को लेकर कई नियम बने हैं। नए नियमों के मुताबिक नौकरी में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है।
इसके तहत फिलहाल IAS या IFS में काम कर रहा कोई भी उम्मीदवार CSE 2026 में बैठने के योग्य नहीं होगा। अगर कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद IAS या IFS में नियुक्त हो जाता है, तो प्रारंभिक परीक्षा पास होने पर भी वह मेन्स में शामिल नहीं हो सकेगा। और अगर नियुक्ति मेन्स शुरू होने के बाद लेकिन रिजल्ट आने से पहले हुई, तो CSE 2026 के रिजल्ट के आधार पर उसे किसी भी सेवा या पद के लिए नहीं गिना जाएगा।
IPS या केंद्रीय ग्रुप 'A' सेवा वालों के लिए रैंक सुधारने का एक मौका रखा गया है। CSE 2026 से IPS या किसी भी केंद्रीय ग्रुप 'A' सेवा में आए उम्मीदवार, पात्रता की शर्तें पूरी करते हों तो, CSE 2027 में बैठ सकते हैं। इसके लिए उन्हें मिली सेवा की ट्रेनिंग में शामिल होने से एक बार की छूट लेनी होगी। ऐसी छूट का फायदा उम्मीदवार सिर्फ एक बार ही ले सकता है। अगर वह ट्रेनिंग में शामिल होता है, तो उसे फाउंडेशन कोर्स करना होगा। अगर उम्मीदवार न ट्रेनिंग में शामिल होता है और न छूट लेता है, तो CSE 2026 का सर्विस अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा।
अगर उम्मीदवार CSE 2027 में फिर से चुना जाता है, तो उसे 2026 या 2027 में मिली सेवाओं में से किसी एक को चुनना होगा। न चुनने पर सेवा रद्द हो जाएगी। उम्मीदवार की सीनियरिटी उस सेवा के आधार पर तय होगी जिसमें वह आखिर में शामिल होता है, और उसे घटाया नहीं जाएगा। इस 'वन टाइम अपॉर्च्युनिटी' का इस्तेमाल करने के बाद उम्मीदवार CSE 2028 या उसके बाद की परीक्षा में तब तक नहीं बैठ सकता, जब तक वह नौकरी से इस्तीफा न दे दे।
जिन उम्मीदवारों को सिविल सर्विस परीक्षा 2025 या उससे पहले की किसी भी परीक्षा के आधार पर सेवा अलॉट हो चुकी है और जो अपने बचे हुए मौके इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें सिविल सर्विस परीक्षा 2026 या 2027 (जो उनका विकल्प हो) में बैठने का एक मौका दिया जाएगा। यह मौका बाकी पात्रता शर्तें पूरी करने पर निर्भर होगा और इसके लिए उन्हें सेवा से इस्तीफा नहीं देना पड़ेगा। ऐसे में जो उम्मीदवार सिविल सर्विस परीक्षा 2028 या आगे की परीक्षाओं में बैठना चाहते हैं, उन्हें पहले मिले सेवा पद से इस्तीफा देना होगा।
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