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17:57 IST

यूनाइटेड ब्रुअरीज की वैल्यू चेन से महाराष्ट्र में Rs 5,900 करोड़ की मूल्यवृद्धि, 36,900 रोजगार

HEINEKEN कंपनी का हिस्सा UBL ने महाराष्ट्र का SEIA रिपोर्ट जारी किया। Steward Redqueen के स्वतंत्र अध्ययन के मुताबिक FY2024-25 में वैल्यू चेन से करीब Rs 5,900 करोड़ की मूल्यवृद्धि और 36,900 रोजगार को सहारा मिला।

यूनाइटेड ब्रुअरीज की वैल्यू चेन से महाराष्ट्र में Rs 5,900 करोड़ की मूल्यवृद्धि, 36,900 रोजगार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

HEINEKEN कंपनी का हिस्सा United Breweries Limited (UBL) ने आज महाराष्ट्र राज्य का सामाजिक-आर्थिक परिणाम मूल्यांकन (SEIA) रिपोर्ट जारी की। यह अध्ययन Steward Redqueen नाम की संस्था ने स्वतंत्र रूप से किया है। रिपोर्ट के मुताबिक FY2024-25 में UBL की वैल्यू चेन से पूरे महाराष्ट्र में करीब Rs 5,900 करोड़ की मूल्यवृद्धि और 36,900 रोजगार के मौकों को सहारा मिला। यानी कंपनी का असर उसके अपने कारोबार से कहीं ज्यादा बड़ा है। इसी अध्ययन के अनुसार FY2024-25 में महाराष्ट्र में UBL के पेय की 23 मिलियन केस बिकीं।

अध्ययन कहता है कि महाराष्ट्र में UBL का आर्थिक योगदान उसकी पूरी वैल्यू चेन में दिखता है। इसमें स्थानीय खरीद और प्रोडक्शन के लिए लगने वाला सामान भी है और डिस्ट्रीब्यूशन, रिटेल और ऑन-ट्रेड आउटलेट भी। मूल्यांकन के हिसाब से Rs 5,900 करोड़ की यह मूल्यवृद्धि महाराष्ट्र की राज्य GDP का 0.1% है।

UBL के MD और CEO विवेक गुप्ता ने कहा, "महाराष्ट्र राज्य सामाजिक-आर्थिक परिणाम मूल्यांकन से हमें राज्य में UBL की मौजूदगी से बनने वाली आर्थिक वैल्यू की ज्यादा साफ समझ मिलती है। हमारे कर्मचारियों और स्थानीय सप्लायर से लेकर पूरी वैल्यू चेन के डिस्ट्रीब्यूटर तक, यह मूल्यांकन इन रिश्तों का दायरा सामने रखता है। हम इन स्थानीय रिश्तों को और मजबूत करने, रोजी-रोटी को सहारा देने और जिन समुदायों व इलाकों में हम काम करते हैं उनमें योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

रोजगार के आंकड़े देखें तो रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में UBL का कामकाज और उससे जुड़ी वैल्यू चेन करीब 36,900 रोजगार के मौकों को सहारा देती है। इनमें UBL की 1,307 सीधी नौकरियां हैं। सप्लायर और उनसे जुड़े कामों से बनने वाले करीब 9,700 अपस्ट्रीम रोजगार हैं। डिस्ट्रीब्यूशन, बिक्री केंद्रों और उनके सप्लायर से जुड़े करीब 25,900 डाउनस्ट्रीम रोजगार भी इसी में गिने गए हैं।

अध्ययन का अंदाजा है कि महाराष्ट्र में UBL में सीधे काम करने वाले हर व्यक्ति के पीछे राज्य की बड़ी अर्थव्यवस्था में 27 और रोजगार के मौकों को सहारा मिलता है। इनमें सात रोजगार सामान और सेवाओं की खरीद के जरिए अपस्ट्रीम स्तर पर हैं, जबकि 20 रोजगार पेय के डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री के जरिए डाउनस्ट्रीम स्तर पर।

स्थानीय खरीद की बात करें तो FY2024-25 में कंपनी ने महाराष्ट्र के सप्लायर से करीब Rs 1,400 करोड़ के सामान और सेवाएं खरीदीं। अध्ययन के मुताबिक यह UBL की कुल देशांतर्गत खरीद का 20% है। इस खर्च में कांच की बोतलें, कैन, ब्रूइंग के लिए लगने वाली फसलें, माल ढुलाई, व्यापार, केमिकल, लेबल, प्रोफेशनल सेवाएं, CBU शुल्क, निर्माण, मशीनरी और दूसरे सामान व सेवाएं शामिल हैं। इससे दिखता है कि UBL का महाराष्ट्र के बड़े औद्योगिक और कारोबारी तंत्र से कितना गहरा रिश्ता है।

सरकारी खजाने में भी वैल्यू चेन का हिस्सा है। मूल्यांकन के अनुसार बिक्री से जुड़े टैक्स समेत पूरी वैल्यू चेन में करीब Rs 4,200 करोड़ के टैक्स भुगतान को सहारा मिला। अध्ययन यह भी कहता है कि ग्राहक UBL के पेय पर जो हर Rs 1 खर्च करते हैं, उसमें से करीब Rs 0.63 टैक्स के रूप में राज्य सरकार को जाता है। UBL की वजह से जो टैक्स योगदान बनता है, वह महाराष्ट्र के कुल राज्य टैक्स राजस्व का 1.2% है।

कंपनी का योगदान सिर्फ आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। Brew a Better India पहल के तहत समुदाय पर केंद्रित कार्यक्रम भी चलते हैं। UBL के इस नजरिए में पर्यावरण की सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, नुकसानदेह इस्तेमाल को रोकना और समुदाय का विकास शामिल है।

Project Oxygen Zone के तहत UBL ने 4.94 एकड़ जमीन को फिर से हरा-भरा किया, जो पहले कचरा डालने के काम आती थी। इसके लिए साइट तैयार की गई और मिट्टी को दोबारा ठीक किया गया। यहां 80 से ज्यादा प्रजातियों के 50,000 स्थानीय पौधे लगाए गए। सूखे महीनों में पानी मिलता रहे, इसके लिए 2 लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण तालाब और गहरी नालियां भी बनाई गईं। इस प्रोजेक्ट से 23,700 से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है, 80 से ज्यादा स्थानीय प्रजातियों को सहारा मिलता है, हर साल 692 किलोलीटर पानी का लाभ मिलता है और हर साल 103.54 tCO₂ सोखे जाने का अंदाजा है।

पूरे देश की तस्वीर भी इसी स्वतंत्र अध्ययन में है। Steward Redqueen के मुताबिक FY2024-25 में UBL ने भारत में अपनी वैल्यू चेन के जरिए करीब 2,95,000 रोजगार के मौकों को सहारा दिया, भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब Rs 43,000 करोड़ की मूल्यवृद्धि की और करीब Rs 30,600 करोड़ का टैक्स राजस्व पैदा किया। कंपनी ने अपनी खरीद का 93% हिस्सा देश के भीतर से ही किया। UBL अपने कारोबार से आगे बढ़कर स्थानीय साझेदारियां बनाने, समुदायों को सहारा देने और मजबूत देशांतर्गत वैल्यू चेन खड़ी करने का काम जारी रखे हुए है।

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