विजय सेल्स के सिस्टम में सेंध का दावा, डार्क वेब पर 25,000 डॉलर में एक्सेस बेचने की पेशकश
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एक कथित हैकर का दावा है कि उसके पास विजय सेल्स के अंदरूनी सिस्टम का सुपर एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस है। अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण बेचने वाली कंपनी विजय सेल्स के अंदरूनी सिस्टम पर साइबर हमले का दावा सामने आया है। एक कथित हैकर का कहना है कि उसने कंपनी के सिस्टम का सुपर एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस हासिल कर लिया है और इसे डार्क वेब पर $25,000 में बेचने के लिए रखा है। हालांकि अभी तक इन दावों की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि इस कथित लिस्टिंग में 30 लाख से ज्यादा ऑर्डर रिकॉर्ड, करीब 15,000 कर्मचारियों की जानकारी और 140,000 विक्रेताओं के बिलिंग रिकॉर्ड शामिल होने की बात कही गई है।
मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की गई। उस पोस्ट में लिखा है कि 'shinymontanna' नाम से सक्रिय एक कथित थ्रेट एक्टर ने विजय सेल्स के अंदरूनी सिस्टम में घुसने का दावा किया है। लिस्टिंग के हिसाब से इस शख्स के पास कंपनी के सिस्टम का सुपर एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस है और उसने इसकी कीमत $25,000 रखी है।
लेकिन यह अब तक साफ नहीं है कि कंपनी के सिस्टम में सच में घुसपैठ हुई है या नहीं। यह भी पता नहीं चला है कि कितना डेटा प्रभावित हुआ और किस तरह की जानकारी बाहर गई। इसलिए फिलहाल इसे एक अपुष्ट साइबर सुरक्षा दावे के तौर पर ही देखना चाहिए।
लिस्टिंग में जिस डेटा का जिक्र है, उसमें ग्राहकों, कर्मचारियों और कारोबारी साझेदारों से जुड़ी कई तरह की जानकारी बताई गई है। इसमें 30 लाख से ज्यादा ग्राहक ऑर्डर रिकॉर्ड, करीब 15,000 कर्मचारियों की जानकारी, 140,000 विक्रेताओं के बिलिंग रिकॉर्ड, ग्राहकों की जानकारी और पेमेंट से जुड़ी एंट्रियां, बैंक ट्रांसफर की जानकारी, इन्वेंटरी डेटा और फाइनेंशियल रिपोर्ट गिनाई गई हैं।
अगर ये दावे सही निकले तो ग्राहकों, कर्मचारियों और कारोबारी साझेदारों की जानकारी की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। मगर यह जानकारी सच में चोरी हुई है या गलत हाथों में पहुंची है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लिस्टिंग के मुताबिक सुपर एडमिन एक्सेस के साथ डेटा पढ़ने, उसमें बदलाव करने और जानकारी एक्सपोर्ट करने की इजाजत भी है। ऐसा एक्सेस सच में मिल गया हो तो उस शख्स के पास संवेदनशील कारोबारी जानकारी देखने या डाउनलोड करने की ताकत आ सकती है। कुछ हालात में डेटा में बिना इजाजत बदलाव का खतरा भी रहता है।
अपने दावे को सही ठहराने के लिए कथित थ्रेट एक्टर ने एडमिनिस्ट्रेटिव डैशबोर्ड और सुपर एडमिन परमिशन दिखाने वाले स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। फिर भी सिर्फ स्क्रीनशॉट के आधार पर साइबर हमले या डेटा चोरी की पक्की पुष्टि नहीं की जा सकती।
इस मामले में विजय सेल्स से संपर्क करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कंपनी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। कंपनी का आधिकारिक बयान आने के बाद ही साफ होगा कि कथित हमला कितना बड़ा है, कौन से सिस्टम प्रभावित हुए और डेटा लीक की कितनी आशंका है।
तब तक ग्राहकों को सलाह है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें, शक वाले ईमेल या मैसेज से सावधान रहें और बैंकिंग या पेमेंट की जानकारी किसी से शेयर न करें। कंपनी ने अभी पुष्टि नहीं की है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, पर सतर्क रहना जरूरी है।
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