विदर्भ को सूखे से निकालने के लिए पार्टी लाइन छोड़ें, गडकरी की अपील; 27 नवंबर से एग्रोविजन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जनप्रतिनिधियों, अफसरों और ग्रामीण संगठनों से मिलकर काम करने को कहा है। नागपुर में 27 से 30 नवंबर तक 17वां एग्रोविजन होगा।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि विदर्भ को सूखामुक्त बनाना है तो पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर सबको साथ आना होगा। एग्रोविजन के मुख्य प्रेरक गडकरी ने यह अपील नागपुर में की। मौका था 17वें एग्रोविजन की तैयारी के लिए बुलाई गई आयोजन समिति की बैठक का।
यह प्रदर्शनी इस साल 27 से 30 नवंबर तक नागपुर में लगेगी। एग्रोविजन को मध्य भारत की बड़ी कृषि प्रदर्शनियों में गिना जाता है। इसका मकसद किसानों को बदलते हालात के हिसाब से नई तकनीक, बेहतर खेती के तरीके और विशेषज्ञों की सलाह देना है।
गडकरी के मुताबिक किसानों की आर्थिक हालत मजबूत करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गांव-देहात में काम करने वाले संगठनों को मिलकर कोशिश करनी होगी। उन्होंने कहा कि पानी बचाने, उसे सोच-समझकर इस्तेमाल करने और खेती की अच्छी प्लानिंग पर काम होना चाहिए।
गडकरी ने माना कि विदर्भ में सूखे की समस्या बड़ी है। लेकिन उनका कहना था कि सबके साथ मिलकर कोशिश करने, ठीक से प्लानिंग करने और जो संसाधन मौजूद हैं उनका अच्छे से इस्तेमाल करने पर इस चुनौती से निपटा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसानों का हौसला बढ़ाना और सूखे से निपटने के तरीकों की जानकारी देना एग्रोविजन का खास मकसद है। इससे किसानों को खेती की बेहतर प्लानिंग करने और उपलब्ध संसाधनों का ज्यादा असरदार इस्तेमाल करने की प्रेरणा मिलेगी।
गडकरी ने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन और बारिश के भरोसे न रहने की वजह से खेती के सामने चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में पानी का संरक्षण, जल संवर्धन, पानी का किफायती इस्तेमाल और सही फसलों का चुनाव बहुत अहम हो गया है। उनके मुताबिक सूखे में काम आने वाले फसल के तरीके अपनाने और मौजूद पानी की सही प्लानिंग करने से किसानों को संकट झेलने में मदद मिल सकती है। एग्रोविजन में कम पानी में खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और अलग-अलग फसलों से जुड़े विषयों पर खास वर्कशॉप होंगी।
बैठक में कृषि राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने सूखे के हालात में कृषि विभाग की योजनाओं और किसानों के लिए हो रही कोशिशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान अपने इलाके के संसाधनों और हालात को देखकर खेती की प्लानिंग करें। जायसवाल के मुताबिक संकट के समय जरूरी मदद और मार्गदर्शन देने के लिए राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
एग्रोविजन के अध्यक्ष रवि बोरटकर ने बैठक की शुरुआत में प्रस्तावना रखी। सचिव डॉ. सी.डी. मायी ने इस साल की प्रमुख कृषि वर्कशॉप के बारे में बताया। इनमें अलग-अलग फसलों, आधुनिक तकनीकों और कृषि क्षेत्र के नए मौकों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
बैठक में गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. शरद गडाख, सांसद माया इवनाते और विधायक डॉ. प्रवीण पोटे मौजूद थे। इनके अलावा कई जनप्रतिनिधि, कृषि क्षेत्र के पदाधिकारी और किसान भी आए थे।
आखिर में गडकरी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी आदमी तक पहुंचाना, किसानों को समृद्ध बनाना और आम लोगों का जीवन स्तर सुधारना सबका साझा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से किसानों, खेती और गांव की अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए एक मंच पर आने की अपील की। उन्हें भरोसा है कि जल संरक्षण, बेहतर जल प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं को ठीक से लागू करने से विदर्भ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है।
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