कोरेगाव के दो युवाओं की मधुमक्खी पेटियां अब कोहली के अलीबाग फार्म हाउस पर
सातारा के कोरेगाव तालुका के सतीश शिर्के और प्रतीक कर्पे से विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने 50 मधुमक्खी पेटियां खरीदी हैं।
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सातारा जिले के कोरेगाव तालुका के दो युवाओं के मधुमक्खी पालन के कारोबार पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली की नजर पड़ी है। कोरेगाव के सतीश शिर्के और प्रतीक कर्पे से विराट कोहली और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने मधुमक्खियों की पेटियां खरीदी हैं। अलीबाग में इन दोनों का फार्म हाउस है और वहां ये मधुमक्खियां परागण के जरिए खेती की पैदावार बढ़ाने में काम आएंगी।
सतीश शिर्के कोरेगाव तालुका के बोबडेवाड़ी गांव के हैं और प्रतीक कर्पे बोरजाईवाड़ी के। दोनों ने आठ साल पहले बहुत छोटे पैमाने पर मधुमक्खी पालन शुरू किया था। शुरू में कई दिक्कतें आईं, लेकिन उन्होंने पूरी तरह जैविक तरीके से मधुमक्खी पालन पर जोर दिया। जैविक तरीके से काम करने की यही बात विराट कोहली की टीम तक पहुंची।
अलीबाग के फार्म हाउस पर प्राकृतिक खेती होती है। कोहली दंपति चाहते थे कि वहां की फसलों की पैदावार रसायनों पर नहीं, बल्कि प्राकृतिक परागण पर टिकी रहे। इसी इरादे से उन्होंने इन युवाओं से मधुमक्खी की पेटियां लेने का फैसला किया। कोरेगाव जैसे छोटे तालुका से शुरू हुआ कारोबार अब देश के एक बड़े सेलिब्रिटी के फार्म हाउस तक पहुंच गया है, तो युवा उद्यमियों में नया जोश है। जिद, लगातार मेहनत और जैविक काम की कद्र हमेशा होती है, यह इन दोनों ने दिखा दिया है।
फार्म हाउस पर खाद का भारी इस्तेमाल करके पैदावार बढ़ाई जाए तो सेहत के लिए खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए मधुमक्खियां पालकर उनके जरिए परागण कराने और उससे उपज बढ़ाने की यह अनोखी सोच अपनाई गई है। इसके लिए पूरी 50 पेटियां अलीबाग भेजी गई हैं। हर पेटी में आठ से बारह हजार मधुमक्खियां होती हैं। इन मधुमक्खियों से बीस से तीस प्रतिशत पैदावार बढ़ने की संभावना है।
कोहली तक इस कारोबार की जानकारी ऑनलाइन के रास्ते पहुंची। जैविक उत्पादों की ऑनलाइन मांग ज्यादा होने की वजह से सतीश शिर्के और प्रतीक कर्पे ने अपने कारोबार का विज्ञापन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया था। वहीं से कोहली के मैनेजरों को इस शहद की जानकारी मिली। फार्म की उपज बढ़ाने पर बात हुई तो मधुमक्खी पालन का मुद्दा सामने आया और कोरेगाव के इन उद्यमियों की तलाश शुरू हुई।
अलीबाग के फार्म हाउस पर अब मधुमक्खियां फलों के बाग और सब्जियों में प्राकृतिक तरीके से परागण करके पैदावार बढ़ाएंगी। सतीश शिर्के, मधुमक्खी उत्पादक, का कहना है, "खेती में मधुमक्खियों की अहमियत बहुत ज्यादा है। उनसे सिर्फ शहद ही नहीं मिलता, फसलों की गुणवत्ता और उपज भी 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ती है।"
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