टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: हैंडलर टीवी देखकर शूटरों को पल-पल की खबर देता रहा
टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच में पता चला है कि हैंडलर टीवी न्यूज देखकर शूटरों को लगातार अलर्ट कर रहा था।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच में रोज नई और चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक गोली चलाने वाले शूटरों और उनके मुख्य हैंडलर के बीच लगातार बातचीत चल रही थी।
खास बात यह है कि हैंडलर टीवी न्यूज चैनलों पर चल रही खबरें देखता रहता था और उसी के हिसाब से शूटरों को हर हलचल की जानकारी देता था। पुलिस के मुताबिक जब टीवी पर शूटरों के चेहरे दिखे, तो उन्हें फौरन वहां से भाग जाने का मैसेज भेजा गया था।
अब मुंबई पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि शूटरों को टीवी की न्यूज अपडेट आखिर कौन भेज रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि संदिग्ध आरोपी रेहान अंसारी को कम्युनिकेशन ऐप के जरिए रास्ता दिखाने वाला शख्स कोई और था।
पुलिस को पक्का शक है कि अमेरिका में छिपे बिश्नोई गैंग के गुंडे अनिल पंडित, या हाल ही में सोनीपत में पकड़े गए अंकित खटक और समीर खत्री ने शूटरों और पंडित के बीच कड़ी का काम किया होगा। सीसीटीवी फुटेज में रेहान लगातार मोबाइल में लगा हुआ दिखा था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) के जरिए एक खास ऐप पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस सिस्टम को आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता था। लेकिन अब आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं, इसलिए पुलिस ने दोनों तरफ की कुछ चैट और बातचीत के सबूत जमा कर लिए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों को सिर्फ फोटो और वीडियो ही नहीं भेजे जाते थे, बल्कि यह भी पल-पल बताया जाता था कि पुलिस उनके कितने करीब पहुंच चुकी है। हैंडलर लगातार टीवी पर नजर रखता था और खबर फ्लैश होते ही रेहान को सावधान कर देता था।
पार्क के बाहर पैपराजी और व्लॉगर्स ने शूटरों के जो वीडियो रिकॉर्ड किए थे, वे जब न्यूज चैनलों पर चले तो आरोपियों के चेहरे दिख गए। इसके तुरंत बाद रेहान के पास अलर्ट करने वाला मैसेज आया। उसमें साफ लिखा था, "तुझे चेहरा सामने आ गया है, वहां से जल्दी निकल जा।"
ऐसे ही दूसरे मैसेज से हैंडलर उन्हें पुलिस जांच की हर स्थिति बताता रहता था। मिसाल के तौर पर, पुलिस ने उनकी बाइक अंधेरी में ट्रेस कर ली है, यह बात उन्हें तुरंत पता चल गई थी। हैंडलर को यह भी मालूम था कि वे ट्रेन से सफर करके आए हैं।
पुलिस के मुताबिक इन्हीं लगातार मिल रहे इशारों की वजह से आरोपी शूटरों ने बार-बार अपना सफर का साधन और रास्ता बदला। वे पहले बाइक पर थे, फिर ट्रेन से गए और आगे कैब से सफर किया। उन्हें सूरत बस स्टेशन से बस पकड़नी थी, लेकिन देर हो जाने से आखिर में उन्होंने दूसरी ट्रेन पकड़ने का फैसला किया।
इसके बावजूद मुंबई पुलिस की खास गुजारिश पर कोटा पुलिस ने सतर्कता दिखाई और उन्हें चलती ट्रेन में ही दबोच लिया।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।