टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने के आरोपी तीन लोग कोटा में ट्रेन से हिरासत में
कोटा पुलिस ने मुंबई में एक्टर पर हुई फायरिंग के तीन संदिग्ध आरोपियों को ट्रेन से हिरासत में लिया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में जानलेवा हमला हुआ है। इस मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने तीन संदिग्ध आरोपियों को एक ट्रेन से हिरासत में लिया है। बताया गया है कि ये तीनों मुंबई से भागकर नेपाल जाने की तैयारी में थे। यह भी सामने आया है कि इनमें से एक आरोपी का संपर्क लॉरेन्स गैंग से था।
जानकारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर अपनी कार से लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। हमलावरों ने कार को निशाना बनाकर पूरे 7 राउंड फायरिंग की। इसमें एक्टर और उनके ड्राइवर घायल हो गए। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। आरोप है कि इसके बाद तीनों अंधेरी पहुंचे, वहां अंधेरी रेलवे स्टेशन पर अपनी बाइक छोड़ दी और ट्रेन पकड़कर राजस्थान की तरफ निकल गए।
मुंबई पुलिस से सटीक इनपुट मिलने के बाद राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने मिलकर कार्रवाई की। आरोपी पुणे-जयपुर ट्रेन के जनरल कोच में बैठकर दिल्ली जा रहे थे। वहां से उनका नेपाल भागने का प्लान था। ट्रेन जैसे ही कोटा रेलवे स्टेशन पहुंची, पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों को हिरासत में ले लिया।
पकड़े गए तीनों में से एक का नाम ऋतिक कुमार उर्फ रोशन है। उसकी उम्र 22 साल है, वह बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है और मुंबई में बाइक राइडर का काम करता है। दूसरा आरोपी रेहान है, जिसकी उम्र 18 साल है और वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। तीसरा आरोपी नाबालिग है और वह भी हरियाणा का ही रहने वाला है। जानकारी के मुताबिक इनमें से एक आरोपी कुख्यात लॉरेन्स गैंग के अनिल पंडित के संपर्क में था। पुलिस जांच से बचने के लिए ये लोग सिग्नल ऐप (Signal App) के जरिए अनिल पंडित से लगातार बात करते थे।
सूत्रों के मुताबिक, इन शूटरों ने सिर्फ हमले वाले दिन ही नहीं, बल्कि पिछले 20 दिनों से टाइगर श्रॉफ के घर, उनके जिम और उन जगहों की रेकी की थी जहां वे अक्सर आते-जाते हैं। सोशल मीडिया पर पैपराजी और ब्लॉगरों के जरिए वे एक्टर की हर मूवमेंट और शेड्यूल पर बारीक नजर रखे हुए थे। हालांकि, जुर्म में इस्तेमाल हुए हथियार अब तक उनके पास से नहीं मिले हैं।
गोलीबारी में घायल ड्राइवर उमेश चौहान को पहले इलाज के लिए जुहू के कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 की आधी रात को उन्हें आगे के इलाज के लिए मुंबई के केईएम (KEM) अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक गोली का उनके दिल या फेफड़ों पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ा है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर (Hemodynamically Stable) है और इमर्जेंसी आईसीयू में कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी टीम की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की और बारीकी से जांच कर रही है और इसके पीछे के मुख्य सूत्रधार की तलाश जारी है।