बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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19:54 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NSAP को 53,428 करोड़ पर मंज़ूरी दी, पेंशन योजनाओं के नाम बदलेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव मंज़ूर हुआ।

केंद्र सरकार ने सामाजिक कल्याण की कुछ योजनाओं के बारे में बड़ा फैसला लिया है। विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन की योजनाओं के नाम बदले जाएंगे। राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम भी बदला जाएगा। जानकारी के मुताबिक इन योजनाओं के नामों से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक, यानी 5 साल के लिए जारी रखने के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिली। इस कार्यक्रम के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसी कार्यक्रम के तहत योजनाओं और उप-योजनाओं के नाम बदलने, दिव्यांग पेंशन की पात्रता के नियम, लाभार्थियों का दायरा और आर्थिक मदद की रकम में बदलाव के प्रस्तावों को भी मंज़ूरी दी गई है। वृद्ध और विधवा पेंशन योजनाएं तथा परिवार लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में ही चलती रहेंगी।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने का फैसला लिया जाएगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन होगा। इस योजना में पात्र बुज़ुर्गों को पेंशन के रूप में आर्थिक मदद दी जाती है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना किया जाएगा। ऐसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मुख्य मकसद पति का निधन होने पर पात्र महिलाओं को आर्थिक सहारा देना है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम दिव्यांगजन पेंशन योजना होगा।

दिव्यांग पेंशन योजना में 0 से 79 साल तक की उम्र के लाभार्थियों को अब हर महीने 375 रुपये और 80 साल या उससे ऊपर के लाभार्थियों को हर महीने 625 रुपये दिए जाएंगे। मानक दिव्यांगता की पात्रता का पैमाना मौजूदा 80 फीसदी से घटाकर 40 फीसदी किया गया है। दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम उम्र की शर्त जन्म से लागू होगी।

राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना किया जाएगा। परिवार के मुख्य कमाने वाले की मौत होने पर पात्र परिवार को आर्थिक मदद देना इस योजना का मकसद है।

जानकारी में कहा गया है कि चारों योजनाओं के नाम बदलने भर से लाभ की रकम, पात्रता के नियम या आवेदन की प्रक्रिया बदलना ज़रूरी नहीं है। इस फैसले का फायदा देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कुल 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा। दिव्यांग पेंशन की पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और आर्थिक मदद की रकम से जुड़े बदलावों की गाइडलाइंस 3 महीने के भीतर जारी करके लागू की जाएंगी।

इंदिरा गांधी का नाम हटाए जाने से विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है, और अब देखना होगा कि विपक्ष क्या प्रतिक्रिया देता है। पहले भी कांग्रेस सरकार के समय बनी योजनाओं के नाम बदले जाने पर बड़ा विवाद हुआ था।

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