स्त्रियों को देखते ही जल्दी उड़ जाते हैं पक्षी, पुरुषों को पास आने देते हैं: नई स्टडी
एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया कि शहरी पक्षी स्त्री के पास आने पर पुरुष के मुकाबले दूर से ही उड़ जाते हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहरों में इंसानों के बीच रहने वाले पक्षियों के बर्ताव को लेकर एक हैरान करने वाली रिसर्च सामने आई है। सड़क पर, बगीचे में या घर की छत पर हम अक्सर कबूतर, मैना और चिड़िया जैसे पक्षियों के पास जाने की कोशिश करते हैं। नए अंतरराष्ट्रीय रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक जब कोई स्त्री पक्षियों के पास जाती है तो वे बहुत चौकन्ने हो जाते हैं और फौरन उड़ जाते हैं। इसके उलट पुरुष के पास आने पर पक्षी उसे थोड़ा और करीब आने देते हैं। इस अजीब बर्ताव ने दुनिया भर के प्राणी वैज्ञानिकों और रिसर्चरों को उलझन में डाल दिया है।
यह स्टडी 'जर्नल ऑफ द ब्रिटिश इकोलॉजिकल सोसायटी' में छपी है। इसमें पक्षियों की 37 अलग-अलग प्रजातियों पर रिसर्च की गई। इंसानों के बिल्कुल पास रहने वाले कबूतरों से लेकर बेहद डरपोक माने जाने वाले मैना और कौवों तक, सभी पक्षियों में यही बर्ताव लगातार दिखा। यह अध्ययन पांच यूरोपीय देशों, यानी झेकिया, फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड और स्पेन, के अलग-अलग शहरों में किया गया।
रिसर्चरों ने पक्षियों के 'फ्लाइट इनिशिएशन डिस्टन्स' (Flight Initiation Distance, FID) को परखा, यानी खतरा भांपकर उड़ जाने से पहले का फासला। जब कोई पुरुष पक्षियों की तरफ चलकर गया तो उन्होंने उसे औसतन एक मीटर, यानी करीब 3 फुट, ज्यादा नजदीक आने दिया। वही काम जब किसी स्त्री ने किया तो पक्षी ज्यादा दूरी से ही डर या सावधानी के चलते उड़ गए।
इस रिसर्च में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलिस (UCLA) के प्रोफेसर डैनियल ब्लमस्टाइन ने कहा, "शहरी पक्षी पास आने वाले इंसान का लिंग पहचानकर उसी हिसाब से रिएक्ट करते हैं, इस पर हमें पूरा भरोसा है। हमने बहुत उन्नत तुलनात्मक विश्लेषण के तरीके इस्तेमाल किए, जिनसे साफ हुआ कि सभी शहरों और पक्षियों की सभी प्रजातियों में यह बर्ताव एक जैसा है। लेकिन इसके पीछे असली वजह क्या है, यह अभी बताना मुश्किल है।"
प्राग की 'झेक यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज' की डॉ. यानिना बेनेडेटी भी इस रिसर्च टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने नतीजे पर हैरानी जताई। उनका कहना था, "पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली एक महिला के तौर पर पक्षियों ने हमें ऐसा अलग रिस्पॉन्स दिया, यह देखकर मुझे बहुत हैरत हुई। प्राणी विज्ञान में आम तौर पर इंसानी ऑब्जर्वर को 'न्यूट्रल' माना जाता है। मगर इस स्टडी ने दिखाया है कि शहरी जानवर इंसानों को कैसे देखते हैं और उनके बीच कितना बारीक फर्क करते हैं।"
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पर और रिसर्च की जरूरत है कि पक्षी इंसान की चाल, शरीर की बनावट, कपड़ों के रंग, आंखों की पुतलियों की हरकत या शरीर की गंध, इनमें से किस चीज से पुरुष और स्त्री का फर्क पहचानते हैं।
यह खोज सिर्फ दिलचस्प जानकारी भर नहीं है। शहरी इकोलॉजी (Urban Ecology) की पढ़ाई पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। अब तक जानवरों के बर्ताव की स्टडी में रिसर्चर का लिंग गिना ही नहीं जाता था। लेकिन आगे जानवरों पर होने वाले प्रयोगों में महिला और पुरुष ऑब्जर्वर की मौजूदगी के असर को ध्यान में रखना पड़ेगा।
इससे साबित हुआ है कि पक्षी इंसानी बर्ताव की बहुत बारीक बातें पकड़ लेते हैं। पक्षी स्त्रियों से ज्यादा डरते हैं या अपनी संवेदनशीलता की वजह से फौरन चौकन्ने हो जाते हैं, इसका जवाब ढूंढने के लिए अब दुनिया भर में आगे के प्रयोग चल रहे हैं।
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