बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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21:13 IST

सिर्फ 5 रुपये में बिक रहा मोबाइल नंबर, आधार की कीमत 500 से 800 रुपये तक

जांच में सामने आया कि मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी 5 रुपये में और वेरिफाई किया हुआ आधार नंबर 500 से 800 रुपये में खरीदा जा रहा है।

तकनीक तेज़ी से बदल रही है और उसका असर हर किसी की ज़िंदगी पर पड़ रहा है। इसके फायदे भी हैं और नुकसान भी। स्मार्टफोन की तरक्की से कई काम पलक झपकते हो जाते हैं, लेकिन डिजिटल खतरे बढ़ने से आम लोगों के मन में लगातार चिंता बनी रहती है।

वजह यह है कि सायबर अपराधी अलग-अलग तरीके अपनाकर आम लोगों को ठगते रहते हैं। वे लोगों को डराकर उनसे पैसे वसूलते हैं। ऐसे में एक छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है, इसलिए डिजिटल दुनिया में कोई भी कदम उठाते वक्त सावधान रहना बहुत ज़रूरी है।

अब डिजिटल इस्तेमाल बढ़ने के साथ खतरे भी बढ़ रहे हैं। लोगों की पहचान से जुड़े मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और फोटो सायबर दुनिया में बिक रहे हैं। जांच में पता चला है कि मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सिर्फ 5 रुपये में, जबकि वेरिफाई किया हुआ आधार नंबर 500 से 800 रुपये में तीसरे पक्ष के एजेंट से खरीदा जा रहा है।

यह जानकारी बीमा और कर्ज बेचने वाली कंपनियों से लेकर सायबर अपराधियों तक कई लोग खरीद रहे हैं। इसके बाद वे लोगों का आर्थिक, सामाजिक और मानसिक नुकसान करते हैं।

अगर मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी के साथ नाम, पता, आधार नंबर और फोटो वाला पहचान पत्र जुड़ जाए, तो ठग बैंक, डिजिटल वॉलेट, बीमा और दूसरी सेवाओं की केवाईसी प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर सकते हैं। वे सिम कार्ड की अदलाबदली करके या भरोसेमंद लगने वाले फोन करके भी लोगों को चूना लगा सकते हैं।

कर्ज, बीमा, चालान, केवाईसी, रिफंड या सरकारी योजनाओं के नाम पर भेजे गए लिंक के ज़रिए लोगों के ओटीपी और बैंक खाते की जानकारी भी चुरा ली जाती है।

सायबर सुरक्षा विभाग ने लोगों से आधार का सुरक्षित इस्तेमाल करने की अपील की है। हाल में ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें आधार अपडेट कराते समय, सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करते समय या सिम कार्ड खरीदते समय तीसरे पक्ष के एजेंट ने आधार का गलत इस्तेमाल करके अपराध किए।

इस तरह की ठगी से बचने के लिए पूरी सावधानी रखना ज़रूरी है। अपने मोबाइल में कोई भी ऐप सिर्फ आधिकारिक प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें, और कॉन्टैक्ट्स, गैलरी, लोकेशन, मैसेज, माइक्रोफोन और कैमरा की गैरज़रूरी परमिशन किसी ऐप को न दें।

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