रेट्रो फोटो के चक्कर में APK लिंक से साइबर ठगी, मोबाइल-बैंकिंग डेटा खतरे में
सोशल मीडिया पर छाए रेट्रो फोटो ट्रेंड का फायदा उठाकर साइबर ठग WhatsApp और SMS से भेज रहे बनावट APK लिंक, चेतावनी जारी
सोशल मीडिया पर पुरानी यादें ताजा करने वाले रेट्रो फोटो इन दिनों जबरदस्त ट्रेंड कर रहे हैं। 80 के दशक के लुक में अपनी या परिवार की फोटो बनवाने का क्रेज लोगों में तेजी से बढ़ा है। मगर इसी ट्रेंड का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने फ्रॉड का एक नया तरीका निकाल लिया है। रेट्रो स्टाइल में फोटो बनाकर देने के बहाने WhatsApp और SMS के जरिए यूजर्स को फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं, ऐसी चेतावनी दी गई है।
इस लिंक पर क्लिक करते ही यूजर्स को फोटो तैयार करने के लिए कोई एडिटिंग या AI ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है। कई बार इसके लिए APK फाइल डाउनलोड करने के लिए उकसाया जाता है। किसी अनजान वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड कर ऐप इंस्टॉल करना मोबाइल की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
यह फर्जी ऐप मोबाइल में इंस्टॉल होते ही SMS, नोटिफिकेशन, कॉन्टैक्ट्स, डिवाइस की जानकारी और दूसरे संवेदनशील डेटा के लिए परमिशन मांगने लगता है। यूजर अगर ये परमिशन दे देता है, तो OTP या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी गलत हाथों में जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए सिर्फ अच्छी फोटो बनाने के चक्कर में किसी अनजान ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन न देने की सलाह दी जा रही है।
इस ठगी का खतरा सिर्फ मोबाइल या बैंकिंग जानकारी तक सीमित नहीं है। यूजर्स से मिले हाई-क्वालिटी चेहरे के फोटो का गलत इस्तेमाल होने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे फोटो के आधार पर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल या डीपफेक भी बनाए जा सकते हैं। इसलिए किसी भी अनजान ऐप या वेबसाइट पर अपनी फोटो अपलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लेना जरूरी है।
ऐसी साइबर ठगी से बचने के लिए WhatsApp या SMS पर आए किसी अनजान फोटो-एडिटिंग या AI ऐप के लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। किसी अनजान वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड नहीं करनी चाहिए। कोई भी AI या फोटो-एडिटिंग ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर, रिव्यू और मांगी जा रही परमिशन जरूर चेक कर लें। कोई ऐप जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगे तो उसे इंस्टॉल करने से बचना चाहिए। अगर पहले ही कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो चुका है तो उसे फौरन अनइंस्टॉल कर देना चाहिए। साथ ही ऐसे ऐप के इस्तेमाल के बाद बैंक खाते के लेनदेन और दूसरे जरूरी अकाउंट पर भी नजर रखनी चाहिए।
साइबर ठगी का शिकार होने पर देर किए बिना 1930 नंबर पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। रेट्रो फोटो का ट्रेंड कितना भी आकर्षक क्यों न लगे, अनजान लिंक, APK फाइल और संदिग्ध ऐप से सावधान रहना जरूरी है। ट्रेंड फॉलो करने से ज्यादा जरूरी है अपनी डिजिटल सुरक्षा का ध्यान रखना।