सायटिका के ये लक्षण नजरअंदाज किए तो बिस्तर पकड़ने की नौबत आ सकती है
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पीठ के निचले हिस्से से पैर तक उतरने वाला तेज दर्द सायटिका का संकेत हो सकता है। लक्षण पहचानकर वक्त पर इलाज जरूरी है।
आजकल की बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल का असर शरीर और दिमाग दोनों की सेहत पर दिखता है। घंटों एक ही जगह बैठे रहना, मोबाइल और लैपटॉप देखते रहना और काम का बढ़ता तनाव, इन वजहों से सायटिका के लक्षण बढ़ सकते हैं।
कई बार पीठ के निचले हिस्से से अचानक तेज कसक उठती है और वह कूल्हे से होते हुए पैर के पिछले हिस्से में सीधे नीचे उतरती महसूस होती है। इसी दर्द को सायटिका कहते हैं। यह तकलीफ कभी-कभी बहुत बेचैन कर देती है। सायटिका होने के बाद शरीर में कई बदलाव होते हैं, इसलिए जो लक्षण दिखें उन्हें बिल्कुल नजरअंदाज न करें और वक्त पर इलाज कराएं।
पहले समझ लें कि सायटिका क्या है। सायटिक नर्व शरीर की सबसे लंबी और सबसे मोटी नस है। यह रीढ़ से शुरू होती है और कूल्हे और जांघ के पिछले हिस्से से होती हुई सीधे पैर की उंगलियों तक जाती है। इसलिए रीढ़ में या दूसरी जगहों पर दबाव पड़े तो जलन या दर्द बढ़ने लगता है।
यह समस्या खासकर रीढ़ की गद्दी खिसक जाने से भी होती है। रीढ़ के आसपास की मांसपेशियां घिस जाएं या अकड़ जाएं तो वे नस को दबाती हैं। इससे सायटिका के बाद किसी एक पैर पर ज्यादा तनाव आ जाता है। वक्त पर ध्यान न दिया जाए तो बिस्तर पर पड़े रहने की हालत बन सकती है।
सायटिका होने पर ये लक्षण दिखते हैं: पैर में हल्का या तेज दर्द उठना, पिंडली या तलवे में सुइयां चुभने जैसा लगना, पैर का कोई हिस्सा सुन्न हो जाना, पैर उठाते या खड़े होते वक्त कमजोरी महसूस होना और अचानक तेज दर्द होना। इन लक्षणों को नजरअंदाज किया तो गंभीर समस्याएं बढ़ सकती हैं।
सायटिका का इलाज वक्त पर करना बहुत जरूरी है। ऑपरेशन या तेज मेडिकल इलाज के बिना भी घर पर देखभाल करने से कुछ हफ्तों में सायटिका पर काबू पाया जा सकता है। दिनभर बिस्तर पर लेटे रहने से मांसपेशियां अकड़ जाती हैं और बीमारी से छुटकारा पाने में काफी वक्त लगता है। इसलिए खून का दौरा ठीक रखने के लिए हल्की हलचल करते रहना जरूरी है।
एक से दो दिन तक तेज दर्द और सूजन कम करने के लिए बर्फ से सेंक लेना चाहिए। बर्फ से सेंकने पर पीठ के निचले हिस्से की अकड़ी मांसपेशियां खुलने में मदद मिलती है और खून का दौरा सुधरेगा। इसके अलावा नहाने के पानी में नमक डालें और गर्म पानी से नहाएं।
यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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