साइबर ठगों को जागरूक वृद्धा ने दी मात
डिजिटल अरेस्ट का साइबर ठगों का दांव फेल, 70 वर्षीय आशा सोनटक्के ने दिया करारा जवाब
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नागपुर। साइबर अपराधियों के डिजिटल अरेस्ट के जाल में अच्छे-अच्छे लोग फंसकर अपनी जीवनभर की कमाई गंवा रहे हैं, लेकिन साइबर फ्रॉड को लेकर जागरूकता ने एक सतर्क वृद्धा को ठगी का शिकार होने से बचा लिया। गोकुलपेट निवासी 70 वर्षीय आशा सोनटक्के को 6 नवंबर की दोपहर साइबर अपराधियों ने फोन कर डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने घबराने या ठगों की बातों में आने के बजाय तुरंत अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया। इस तरह साइबर अपराधियों की पूरी चाल नाकाम हो गई।
जानकारी के अनुसार, आशा सोनटक्के को अज्ञात साइबर अपराधियों ने फोन किया। उन्होंने किसी गंभीर मामले में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने का प्रयास किया। लेकिन साइबर ठगी के तरीकों से पहले से परिचित आशा सोनटक्के ने अपराधियों को कोई जवाब नहीं दिया और फोन बंद कर दिया।
इसके बावजूद साइबर अपराधियों ने बार-बार उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी सतर्कता के चलते साइबर ठग अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
आशा सोनटक्के ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान फोन कॉल से घबराएं नहीं। पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देने वालों के झांसे में न आएं। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधियों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
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