सदावर्ते का दावा: एकनाथ शिंदे आने वाले वक्त में मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे
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गुणरत्न सदावर्ते ने पत्रकार परिषद में कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आने वाले वक्त में मुख्यमंत्री नहीं होंगे। यह उनका राजनीतिक दावा है।
मुंबई: गुणरत्न सदावर्ते ने पत्रकार परिषद बुलाकर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। महाराष्ट्र की राजनीति में अभी अलग-अलग घटनाक्रम तेज़ी से चल रहे हैं। इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद को लेकर सदावर्ते के बयान से सियासी चर्चा को एक नया मुद्दा मिल गया है।
सदावर्ते ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक मंच पर आने वाले कार्यक्रम की तारीफ की। यह ग्रंथाली के पुस्तक प्रकाशन का कार्यक्रम था, जो कल हुआ। सदावर्ते ने कहा, "वो ऑर्गेनिक राजनेता लग रहे थे। नैचुरल कार्यक्रम था। ग्रंथाली को सैल्यूट है। ऐसा कार्यक्रम रखा। 3 नेता रोज़ फ्लॉवर जैसे दिखे। महाराष्ट्र ने अलग आदर्श लिया।"
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास बड़ी सांस्कृतिक विरासत है और इसी वजह से उन्होंने इस कार्यक्रम का स्वागत किया। सदावर्ते ने यह भी कहा, "कल ऑर्गेनिक पॉलिटिकल राजनीति दिखी। राजनीति से आगे जाकर सोचना चाहिए।"
एकनाथ शिंदे की राजनीति पर बोलते हुए सदावर्ते ने उसे संकरित राजनीति कहा। संजय शिरसाठ के बयान पर रिएक्शन देते हुए उन्होंने सीधी बात रखी। सदावर्ते ने कहा, "डंके की चोट पे बता रहा हूँ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आने वाले वक्त में मुख्यमंत्री नहीं होंगे।" यह उनका अपना राजनीतिक दावा है और इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
प्रदीप पूर्णेकर के परिवार के मामले पर सदावर्ते ने पुलिस से अपील की कि जांच में कोताही न बरती जाए। इस दौरान उन्होंने एक दाढ़ी वाले शख्स या डीसीपी अधिकारी का ज़िक्र करते हुए शक जताया। इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि उन्होंने नहीं दी है।
संजय गायकवाड के किसानों को लेकर दिए बयान पर भी सदावर्ते ने नाराज़गी जताई। उन्होंने सवाल किया, "किसानों के बारे में ऐसा बोलना कितनी घटिया बात है। यह कौन सी विचारधारा है।" साथ ही सदावर्ते ने साफ किया, "हम कोई बीजेपी के प्रवक्ता नहीं हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर उद्धव ठाकरे दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री को घर बुलाएं, तो मुख्यमंत्री को जाना चाहिए।
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