रिलायंस के दूसरी तिमाही के नतीजे 30 अक्टूबर को, डिविडेंड पर कंपनी चुप
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बोर्ड 30 अक्टूबर को दूसरी तिमाही और छमाही के नतीजों पर बैठेगा। डिविडेंड का कोई जिक्र नहीं है, NCD से पैसा जुटाने की चर्चा है।
देश की सबसे बड़ी कंपनियों में गिनी जाने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजों का इंतजार निवेशकों को बेसब्री से है। कंपनी ने नतीजों की तारीख को लेकर अपनी तरफ से जानकारी दे दी है। दूसरी तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों के लिए कंपनी ने निदेशक मंडल की बैठक शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बुलाई है।
इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के नतीजे घोषित किए जाएंगे। कंपनी ने इससे पहले 27 अक्टूबर को इस बारे में सूचना दी थी। निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिविडेंड का क्या होगा और उसका फायदा कब मिलेगा। लेकिन इस बार कंपनी ने डिविडेंड का कोई जिक्र नहीं किया है। बोर्ड मीटिंग की सूचना वाले पत्र में लाभांश के बारे में एक शब्द भी नहीं है। यानी इस बार डिविडेंड की उम्मीद मत रखिए।
कंपनी कोई फैसला लेगी तो खुद ही उसका ऐलान करेगी, इसलिए अफवाहों पर यकीन न करें और आधिकारिक खबर आने तक रुकें। इस मीटिंग में दो बातों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी। एक, कंपनी के मुनाफे और घाटे का हिसाब। दो, NCD के जरिए पैसा जुटाने की योजना।
बोर्ड मीटिंग खत्म होने के बाद भी बात यहीं नहीं रुकती। उसी दिन शाम को कंपनी बड़े विश्लेषकों यानी एनालिस्ट्स से बातचीत करेगी। उसमें कंपनी बताएगी कि इन तीन महीनों में कारोबार कैसा रहा और आगे की क्या योजना है। कंपनी दो तरह के नतीजे जारी करेगी, एक स्टैंडअलोन और दूसरा कंसोलिडेटेड।
नतीजों के साथ रिलायंस का बोर्ड एक और बड़े मुद्दे पर चर्चा कर सकता है, यानी बाजार से पैसा कैसे जुटाया जाए। शुरुआती जानकारी है कि कंपनी NCD निकालकर पैसा उठाने की तैयारी में है। NCD का मतलब नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर, यानी कर्जपत्र। कंपनी लोगों से कर्ज लेती है और उस पर ब्याज देती है। ये NCD सुरक्षित भी हो सकते हैं और असुरक्षित भी। कंपनी एक ही बार में या कई किस्तों में ये NCD निकालकर पैसा जमा करेगी। यह पैसा कंपनी अपने नए प्रोजेक्ट्स में लगाएगी।
अब सबको जानना है कि नतीजे कैसे रहेंगे। ब्रोकरेज फर्म नुवामा रिसर्च ने इस पर रिपोर्ट दी है। उसके मुताबिक रिलायंस के नतीजे बाजार की उम्मीद से बेहतर आ सकते हैं। वजह यह है कि रिफाइनरी का कारोबार सुधरा है। कच्चे तेल को साफ करके बेचने में ज्यादा मार्जिन मिल रहा है और कंपनी ने तेल की प्रोसेसिंग भी ज्यादा की है।
नुवामा के अनुमान के मुताबिक कंसोलिडेटेड EBITDA यानी ब्याज और टैक्स से पहले का मुनाफा 17% बढ़कर 53,700 करोड़ रुपये हो सकता है। PAT यानी असली शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर 20,900 करोड़ रुपये पर जा सकता है। O2C कारोबार, यानी तेल और केमिकल के धंधे का EBITDA 38% बढ़कर 20,700 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
नुवामा रिसर्च ने शेयर पर खरीदें (BUY) की रेटिंग दी है और टार्गेट प्राइस 1,766 रुपये रखा है, जो आज के भाव से जवाब में जवाब करीब 47% ज्यादा है। ब्रोकरेज के मुताबिक असली दम नए ग्रीन एनर्जी कारोबार में है। इस नए एनर्जी बिजनेस का EBITDA 2027 तक 1,500 करोड़ रुपये और 2030 तक 20,100 करोड़ रुपये हो सकता है। यानी इस हिसाब से 3 साल में कमाई 13 गुना होने की संभावना है।
कुल मिलाकर 30 अक्टूबर रिलायंस और उसके निवेशकों के लिए बहुत अहम दिन होगा। सबकी नजर इस पर है कि नतीजे क्या आते हैं, NCD पर क्या फैसला होता है और कंपनी आगे की योजना के बारे में क्या कहती है।
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