रावेत बांध में घटा पानी, जलसंपदा विभाग बोला रोज 405 एमएलडी छोड़ रहे, पानी कहां जा रहा?
पिंपरी-चिंचवड में पानी की सप्लाई बिगड़ी है। जलसंपदा विभाग और नगर निगम के दावे एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपरी-चिंचवड शहर में पानी की सप्लाई को लेकर जल संसाधन विभाग और नगर निगम आमने-सामने हैं। जल संसाधन विभाग का दावा है कि पवना बांध से शहर के लिए काफी पानी छोड़ा जा रहा है। दूसरी तरफ पिंपरी-चिंचवड नगर निगम का कहना है कि रावेत बांध में पानी की सतह नीचे गई है, इसी वजह से सप्लाई पर असर पड़ रहा है। दोनों के उलटे दावों से शहर में पानी की उपलब्धता और बंटवारे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रावेत बांध में पानी का स्तर कम होने से शहर की सप्लाई रुक-रुक कर हो रही है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक तय 10 प्रतिशत कटौती के बाद भी रोज 405 दस लाख लीटर यानी एमएलडी पानी छोड़ा जा रहा है। नगर निगम को शक है कि पवना नदी से पानी की चोरी हो रही है और उसने इस मामले की जांच की मांग की है।
सवाल यह है कि बांध से जितना पानी छोड़ा जाता है और शहर तक जितना पहुंचता है, उसमें फर्क क्यों है। इसका साफ जवाब अब तक नहीं मिला है।
पवना बांध से नदी में छोड़ा गया पानी रावेत बांध तक पहुंचता है। वहीं से नगर निगम पिंपरी-चिंचवड शहर को पानी की सप्लाई करता है। बांध में पानी का स्तर घटने का असर पानी उठाव केंद्र पर पड़ा है। शहर के कुछ हिस्सों में सप्लाई बिगड़ गई है, जबकि कई इलाकों से पानी के दबाव में उतार-चढ़ाव की शिकायतें आई हैं। शहर में पहले से एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा था और लोग परेशान थे। अब टाइमटेबल में बदलाव से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
करार से पहले नगर निगम पवना नदी से रोज 450 एमएलडी पानी लेता था। 10 प्रतिशत कटौती के बाद यह मात्रा घटकर 405 एमएलडी रह गई है। जल संसाधन विभाग का कहना है कि इसी तय मात्रा के हिसाब से बांध से पानी छोड़ा जा रहा है और उसका रोजाना रिकॉर्ड रखा जाता है। लेकिन बांध से छोड़े गए पानी और नगर निगम के उठाए पानी के आंकड़ों में तालमेल नहीं है, इसलिए असली हालत साफ नहीं हो पाई है।
नगर निगम के सहायक शहर अभियंता अजय सूर्यवंशी के मुताबिक रावेत पानी उठाव केंद्र में पानी की सतह कम होने से सप्लाई पर असर पड़ा है। बांध से आने वाले पानी की मात्रा घटने की आशंका के साथ पवना नदी से पानी चोरी होने की आशंका भी जताई गई है। इस मामले में जांच चल रही है।
अब सवाल उठ रहा है कि 10 प्रतिशत कटौती पहले से तय होने के बावजूद सप्लाई की योजना क्यों बिगड़ी। रावेत बांध में पानी की सतह घटने की वजहों की जांच के साथ यह भी जरूरी है कि बांध से छोड़े गए पानी, नदी में मौजूद पानी और नगर निगम के उठाए पानी की तुलना वाली रिपोर्ट सामने आए। फिलहाल दोनों विभागों के दावों के बीच शहर के लोगों को यह नहीं पता कि उन्हें नियमित और पूरा पानी कब मिलेगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।