पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल में भर्ती, सीने के संक्रमण का इलाज
देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को सीने के संक्रमण और उम्र से जुड़ी सेहत की दिक्कतों के इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें सीने के संक्रमण और उम्र के साथ होने वाली सेहत की दिक्कतों के इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में दाखल किया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल की तरफ से उनकी तबीयत के बारे में और जानकारी दी जाएगी।
एल. के. आडवाणी 98 साल के हैं। वे फिलहाल दिल्ली में 30, पृथ्वीराज रोड पर अपने घर में रहते हैं। दिसंबर 2024 में भी उन्हें अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक उस वक्त उन्हें मेडिकल जांच के लिए दाखल किया गया था।
हाल ही में एल. के. आडवाणी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके घर गए थे और उनका आशीर्वाद लिया था।
आडवाणी ने 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर भाजपा की स्थापना की थी। वे पार्टी के सबसे लंबे वक्त तक अध्यक्ष रहे। उनकी अगुवाई में पार्टी 1984 की सिर्फ दो सीटों से बढ़कर 1998 में 182 सीटों तक पहुंची।
आडवाणी 1989 से लोकसभा के सदस्य थे। 2019 में रिटायर होने तक वे सात बार सांसद रहे और इसमें से ज्यादातर वक्त उन्होंने गांधीनगर सीट की नुमाइंदगी की।
आडवाणी देश के गृहमंत्री भी रहे। वे 1998 से 2004 तक गृहमंत्री और 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री रहे। साल 2024 में उन्हें देश का सबसे बड़ा नागरी सम्मान भारत रत्न दिया गया।
2019 के बाद से आडवाणी ने कोई चुनाव नहीं लड़ा। गांधीनगर से अमित शाह चुनाव लड़े। आडवाणी मार्गदर्शक मंडल में हैं, लेकिन सेहत की वजह से सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम दिखते हैं। उनकी किताबों में My Country My Life (2008) शामिल है, जो उनकी आत्मकथा है। इसके अलावा A Prisoner's Scrap-Book और दस्तावेज़ भी उनकी किताबें हैं।