पुरी के इस्तीफे की मांग तेज, एपस्टीन के साथ फोटो पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की जेफ्री एपस्टीन के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने मोदी सरकार से जवाब मांगा है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से सियासत में कई हलचलें चल रही हैं। इसी बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को मंत्री पद से हटाने का दबाव मोदी सरकार पर लगातार बढ़ता जा रहा है। वजह है अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ उनकी एक फोटो, जो हाल ही में वायरल हुई। यह फोटो ऐसे वक्त सामने आई, जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर रहे थे। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
कांग्रेस का कहना है कि जिस दिन अमेरिका के विदेश मंत्री हमारे विदेश मंत्री से मिल रहे थे, उसी दिन अमेरिका के न्याय विभाग ने पुरी और एपस्टीन की अकेले में हुई मुलाकात की फोटो वायरल करके किसे ब्लैकमेल किया? कांग्रेस के मुताबिक अमेरिका ने किसे सियासी धमकी या संदेश दिया, यह समझ में आता है। लेकिन इस फोटो से साफ हो गया कि पुरी और एपस्टीन के बीच दोस्ती थी और दोनों की मुलाकातें होती रही हैं।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि हरदीप पुरी का यह दावा झूठा है कि वे एपस्टीन से कभी निजी तौर पर या अकेले में नहीं मिले। उसका सवाल है कि अगर ऐसा है तो केंद्र सरकार ने अमेरिका को ऐसी झूठी तस्वीरें जारी करने के लिए नोटिस क्यों नहीं भेजा?
कांग्रेस के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी सरकार पर हमला बोला है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी को खुद सफाई देनी चाहिए। विपक्ष ने पूछा कि पुरी संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, फिर भी प्रधानमंत्री किस डर से उन्हें मंत्रिमंडल में बनाए हुए हैं।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि पुरी ने बताया था कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले थे। तो फिर दोनों फोटो में बाकी सदस्य कहां हैं? उन्होंने कहा कि पुरी के पास ऐसा कौन सा राज है, यह प्रधानमंत्री को साफ करना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार को बताना ही पड़ेगा कि यह फोटो गलत है या सही। गलत हो तो विरोध जताने वाला पत्र जारी किया जाए, और सही हो तो पुरी का इस्तीफा लिया जाए। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि सोलह साल की लड़कियों के साथ यौन शोषण करने वाले शख्स से दोस्ती रखने वाले को मंत्रिमंडल में रखकर प्रधानमंत्री कौन सी खास संस्कृति का संदेश दे रहे हैं?
यह दबाव ऐसे समय आ रहा है, जब भाजपा पुरी को एक बार फिर मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है। पश्चिम एशिया के संकट के दौरान पुरी ने देश में ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए दुनिया में तेल संकट बने रहने के चलते उन्हें पद पर बनाए रखा जा सकता है।
एपस्टीन फाइल्स का विवाद फरवरी 2026 से चल रहा है। अमेरिका के Department of Justice ने Jeffrey Epstein से जुड़ी फाइलें जारी कीं, जिनमें हरदीप पुरी का नाम और ईमेल होने का दावा किया गया है। उधर 5 अक्टूबर 2026 को भाजपा ने UP से राज्यसभा के 8 नामों की सूची जारी की, जिसमें पुरी का नाम नहीं है। उनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। कांग्रेस, टीएमसी और सपा के विपक्षी नेता प्रदर्शन कर रहे हैं और तुरंत इस्तीफे के साथ स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।