पुरानी सरकारी गाड़ियों के स्क्रैपिंग नियम में बदलाव का मसौदा, 30 दिन में सुझाव मांगे
रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को मसौदा अधिसूचना जारी की है।
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पुरानी और कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को सड़क से हटाने के लिए केंद्र सरकार वाहन स्क्रैपिंग नीति में बदलाव की तैयारी में है। इसी सिलसिले में रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को एक नई मसौदा अधिसूचना जारी की है। अब सबकी नजर इस पर है कि सरकारी गाड़ियों की स्क्रैपिंग के नियमों में आखिर क्या बदलेगा।
सरकार ने मोटर वाहन कानून, 1988 के तहत 2021 में लागू किए गए वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के रजिस्ट्रेशन और कामकाज के नियमों में सुधार का प्रस्ताव रखा है। इस मसौदे का आधिकारिक नाम Motor Vehicles (Registration and Functions of Vehicle Scrapping Facility) Amendment Rules, 2026 है।
यह मसौदा देश की पुरानी, इस्तेमाल के लायक न रही और कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को ठिकाने लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के मकसद से लाया गया है। प्रस्ताव से लगता है कि स्क्रैपिंग सुविधाओं के कामकाज से जुड़े नियमों में सुधार करके सरकार प्रक्रिया को ज्यादा साफ और पारदर्शी बनाना चाहती है।
मसौदे में 2021 के मूल नियमों के नियम 10 के उपनियम (1) के खंड (xiii) में बदलाव का प्रस्ताव है। इस प्रावधान से "Government-owned vehicle or" शब्द हटाने का सुझाव दिया गया है।
अगर ये शब्द हटते हैं तो संबंधित नियम में सरकारी मालिकाना हक वाली गाड़ियों का अलग से जो जिक्र है, वह खत्म हो सकता है। इसी वजह से स्क्रैपिंग सुविधाओं से जुड़े नियम कैसे लागू होंगे, इस लिहाज से यह प्रस्ताव अहम माना जा रहा है।
हालांकि यह बदलाव अभी सिर्फ प्रस्ताव के रूप में है। सरकारी गाड़ियों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया में असल में कौन से व्यावहारिक बदलाव होंगे, यह अंतिम नियम जारी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।
यह अधिसूचना अभी फाइनल नहीं हुई है। फिलहाल यह सिर्फ मसौदा है और नागरिकों को इस पर सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया है।
आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना छपने के बाद नागरिकों को अपने सुझाव या आपत्तियां भेजने के लिए 30 दिन की मोहलत मिलेगी। यह मियाद खत्म होने के बाद सरकार मिले सुझावों की समीक्षा करेगी। फिर जरूरी बदलाव करके नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इसलिए 30 सितंबर 2026 को जारी मसौदे के प्रावधानों और अंतिम अधिसूचना के नियमों में फर्क होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस प्रस्ताव पर अपनी राय देना चाहने वाले लोग ईमेल या डाक से सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं। ईमेल का पता comments-morth@gov.in है। डाक का पता है: अपर सचिव (परिवहन), रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली - 110001।
वाहन स्क्रैपिंग नीति में प्रस्तावित सुधार पुरानी और इस्तेमाल के लायक न रही गाड़ियों को ठिकाने लगाने के नियमों के लिहाज से अहम है। लेकिन मसौदा अभी लागू नहीं हुआ है, इसलिए गाड़ी मालिकों को प्रस्ताव और अंतिम नियमों के फर्क का ध्यान रखना होगा। नागरिकों के सुझावों पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार इन बदलावों पर अंतिम फैसला लेगी।