फ्लायदुबई विमान में कॉकपिट की हाथापाई, तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग, कैप्टन स्मित मच्छर ने बचाई जान
दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लायदुबई विमान में हवा में कॉकपिट के अंदर हमला हुआ। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर घायल होने के बावजूद विमान को बचाने में मददगार रहे।
दुबई से इस्रायल की राजधानी तेल अवीव जा रहे फ्लायदुबई (Flydubai) के विमान में हवा में ही बेहद डरावनी घटना हो गई। 30 सितंबर को उड़ान भरने वाला यह विमान बोइंग 737 MAX 8 था और उसकी फ्लाइट का नंबर FZ1073 था। विमान में 174 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे।
इटैलियन अखबार कॉरिअर डेला सेरा की एक खास रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों की जानकारी के मुताबिक विमान के 29 साल के ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) ने विमान को तेल अवीव की ऊंची इमारतों से टकराने की साजिश रची थी। यह 9/11 जैसा हमला होता। भारतीय चीफ पायलट कैप्टन स्मित मच्छर (Captain Smit Machchhar) ने अपनी जान दांव पर लगाकर यह कोशिश नाकाम कर दी।
उड़ान शुरू में बिल्कुल ठीक रही और अल-हम्मामी के बर्ताव पर शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन जब विमान सऊदी अरेबिया और जॉर्डन के ऊपर था, तब को-पायलट ने नमाज का बहाना बनाकर अपनी सीट से उठने का दिखावा किया। कैप्टन मच्छर उस वक्त सामने देख रहे थे। इसी बीच अल-हम्मामी ने कॉकपिट की इमरजेंसी कुल्हाड़ी (Crash Axe) से पीछे से उनके सिर पर जोर का वार कर दिया। कैप्टन गंभीर रूप से जख्मी हो गए और उनकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया।
उसी वक्त को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और उसे तेजी से नीचे लाने लगा। बोइंग 737 MAX 8 कुछ ही सेकंड में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया। नीचे आते वक्त अल-हम्मामी ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश भी की, ताकि विमान सीधे जमीन या किसी इमारत पर गिरे।
सोशल मीडिया पर आई एक पोस्ट के मुताबिक FZ1073 ने उड़ान के करीब 90 मिनट बाद पहले 7700 (जनरल इमरजेंसी) और फिर 7500 (गैरकानूनी दखल) का कोड भेजा। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में विमान करीब 34,000 फीट से लगभग 17,000 फीट तक एक-दो मिनट में नीचे आता दिखा, और रफ्तार 411 नॉट से बढ़कर करीब 600 नॉट हो गई। ये आंकड़े पब्लिक फ्लाइट ट्रैकिंग से हैं और अलग-अलग जगह अलग बताए गए हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि इस्रायली फाइटर जेट रवाना किए गए और इस्रायली एयरस्पेस कुछ देर के लिए बंद किया गया। फ्लायदुबई ने "इंसिडेंट" होने की बात मानी और कहा कि सारे यात्री सुरक्षित हैं। पोस्ट के मुताबिक यात्रियों ने चीख-पुकार, कॉकपिट में खून और एक पायलट को चाकू लगने की बात बताई। यह भी कहा गया कि किसने किसे चाकू मारा, इस पर बयान अलग-अलग हैं। इस्रायली अफसरों का कहना है कि एक पायलट ने विमान गिराने की कोशिश की हो सकती है, पर एयरलाइन या किसी जांच ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मकसद अभी पता नहीं है।
गंभीर रूप से जख्मी और खून से लथपथ कैप्टन मच्छर ने बेहोश होने से पहले अपनी बची हुई ताकत लगाई और होशियारी से कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया। दरवाजा खुलते ही विमान में मौजूद दूसरे क्रू मेंबर और कुछ हिम्मती यात्री फौरन कॉकपिट में घुस गए। उन्होंने सिरफिरे को-पायलट अल-हम्मामी को पकड़कर काबू में किया। विमान में सफर कर रहे एक और रिजर्व पायलट की मदद से सिर्फ 30 सेकंड में गिरते विमान का कंट्रोल वापस लिया गया और उसे हवा में स्थिर कर लिया गया। कुछ सेकंड की और देर होती तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
इसके बाद पायलटों ने इमरजेंसी मैसेज भेजा, विमान का रुख बदला और सऊदी अरेबिया के तबूक (Tabuk) एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट अल-हम्मामी को फौरन हिरासत में ले लिया। फ्लायदुबई ने तबूक में दूसरा विमान भेजा, जिससे सभी यात्रियों को सुरक्षित तेल अवीव पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक अल-हम्मामी के कट्टरपंथी विचारों और उसके अतीत को लेकर पहले भी कुछ सवाल उठे थे। फिलहाल उसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया है, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। सऊदी अरब, UAE और इस्रायल के जांचकर्ता फ्लाइट रिकॉर्डर और यात्रियों के बयानों की पड़ताल करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बहादुरी के लिए कैप्टन स्मित मच्छर की दिल से तारीफ की है।
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