आरती सोलंकी ने सई ताम्हणकर की तारीफ की, मराठी दर्शकों को भी सुनाई खरी बात
'अडकित्ता' देखने के बाद आरती सोलंकी ने इंस्टाग्राम पर सई की सराहना की और मराठी दर्शकों से अपनी अभिनेत्रियों को सुपरस्टार कहने को कहा।
मराठी की टॉप अभिनेत्रियों की बात हो तो सई ताम्हणकर का नाम जरूर लिया जाता है। सई ने सिर्फ मराठी में ही नहीं, बॉलीवुड में भी अपनी जगह बनाई है। ग्लैमरस लुक हो या बोल्ड किरदार, हर रोल में वो पूरी जान लगाकर काम करती हैं। कुछ दिन पहले उनकी फिल्म 'अडकित्ता' ओटीटी पर आई और उसमें उनके किरदार की हर तरफ चर्चा है।
इसी फिल्म को देखकर एक मराठी अभिनेत्री ने सई की जमकर तारीफ की है। 'फू बाई फू' से घर-घर पहुंची कॉमेडी क्वीन आरती सोलंकी हमेशा बेबाक बोलने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डालकर सई की खुलकर सराहना की। लेकिन सिर्फ तारीफ ही नहीं, उन्होंने मराठी दर्शकों को भी खरी-खरी सुनाई है।
आरती ने अपनी पोस्ट में लिखा, "अडकित्ता देखी और सई का पूरा सफर आंखों के सामने आ गया। फू बाई फू से उसका सफर देखती आई हूं। कभी बोल्ड रोल, कभी बिल्कुल सादी औरत, कभी आयटम सॉन्ग तो कभी सूत्रसंचालन और फिर हिंदी फिल्में... सई ने सब कुछ किया है।" इसके बाद आरती यहीं नहीं रुकीं।
उन्होंने आगे लिखा, "यह सब देखकर लगता है कि मराठी दर्शक के तौर पर हम कितने छोटे दिल के हैं। हमें तारीफ सिर्फ बॉलीवुड की हीरोइनों की करनी आती है। उन्हें अभिनय का 'अ' भी न आता हो, तब भी हम उन्हें सिर पर बैठाते हैं और सुपरस्टार कहते हैं। लेकिन हमारी ही मराठी लड़कियां इतना बड़ा काम करती हैं, फिर भी हम उनकी कद्र नहीं करते।" आरती का यह तंज सीधे उन दर्शकों पर था जो सिर्फ बॉलीवुड के पीछे भागते हैं।
पोस्ट में आरती ने कुछ और नाम भी लिए। उन्होंने कहा, "हमारे यहां सई ताम्हणकर, प्रिया बापट, छाया कदम, अमृता खानविलकर जैसी कितनी ही अभिनेत्रियां हैं। ये सिर्फ मराठी फिल्मों में नहीं, बल्कि बॉलीवुड, वेब सीरीज और नाटक, हर जगह काम कर रही हैं। कई साल स्ट्रगल करके उन्होंने यह नाम कमाया है। तो हमें दर्शक के तौर पर दिल बड़ा करना चाहिए और अपनी ही अभिनेत्रियों को सुपरस्टार कहना चाहिए।"
आरती की इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट करके उन्हें समर्थन दिया है। सई ताम्हणकर ने भी इस पोस्ट पर रिप्लाय किया है। सई की 'अडकित्ता' अभी चर्चा में है और आरती की इस तारीफ से फिल्म की चर्चा और बढ़ गई है। आरती ने जो कहा है, उस पर सोचने की जरूरत है। अपने मराठी कलाकारों की तारीफ हम ही नहीं करेंगे, तो और कौन करेगा?