मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:38 IST

फ्लायदुबई की उड़ान में कॉकपिट पर हमला, इस्रायली यात्री यानिव हायुन की प्लंबर वाली चर्चा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई FZ1073 में 30 सितंबर को कॉकपिट में हमला हुआ और विमान नीचे गिरने लगा।

फ्लायदुबई की उड़ान में कॉकपिट पर हमला, इस्रायली यात्री यानिव हायुन की प्लंबर वाली चर्चा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ी फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को जो हुआ, वह किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म की कहानी से कम नहीं था। 33,000 फुट की ऊंचाई पर अचानक विमान का अगला हिस्सा नीचे झुक गया और चंद सेकंड में विमान 14,000 फुट नीचे आ गया। विमान में मौजूद 174 से ज्यादा यात्री जान बचाने के लिए चीखने लगे। इस खौफनाक घड़ी में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machhar) और इस्रायली यात्री यानिव हायुन (Yaniv Hayoun) की हिम्मत से बड़ा विमान हादसा टल गया।

मिली जानकारी के मुताबिक उड़ान के दौरान कॉकपिट में को-पायलट ने अचानक मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला कर दिया। शुरू में विमान में चाकू से हमले की चर्चा थी। लेकिन इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि हमलावर बाहर से कोई चाकू या हथियार नहीं लाया था। उसने कॉकपिट में पहले से रखी फायर एक्स यानी क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया।

ICAO के नियमों के मुताबिक हर कमर्शियल विमान के कॉकपिट में इमरजेंसी बचाव, आग बुझाने या दरवाजा तोड़ने के लिए यह क्रैश एक्स रखना जरूरी होता है। इसी कुल्हाड़ी से को-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर हमला किया। उसने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उसे जमीन पर गिराने की कोशिश की।

हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से जख्मी हो गए और खून से लथपथ थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बहुत संयम और हिम्मत दिखाई। 9/11 के बाद दुनिया भर के विमानों में कॉकपिट का दरवाजा अंदर से सुरक्षित तरीके से लॉक करने का इंतजाम होता है। कैप्टन मच्छर ने बेहद मुश्किल हालात में कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे बाहर खड़े यात्री और केबिन क्रू मदद के लिए अंदर आ सके। उनकी इसी सूझबूझ से 174 यात्रियों की जान बच सकी। भारत और इस्रायल की सरकारें कैप्टन मच्छर की इस हिम्मत की जोरदार तारीफ कर रही हैं।

जब विमान का अगला हिस्सा झुका हुआ था और वह तेजी से नीचे जा रहा था, तब यात्रियों के बीच बैठा यानिव हायुन नाम का इस्रायली नागरिक कॉकपिट की तरफ दौड़ा। दूसरे यात्रियों की मदद से उसने हमला करने वाले को-पायलट की गर्दन पकड़कर उसे कंट्रोल से दूर खींचा। फिर यानिव ने विमान की कंट्रोल स्टिक (Yoke) पकड़कर जोर से पीछे खींची। इससे नीचे गिरता विमान दोबारा हवा में संभल गया और ऊपर जाने लगा। कुछ ही देर में यात्री के तौर पर सफर कर रहे छुट्टी पर गए एक और पायलट ने कॉकपिट का पूरा कंट्रोल संभाल लिया और विमान को सऊदी अरब के ताबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया।

इस्रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यानिव हायुन से पूछा कि तुम तो पेशे से प्लंबर हो, फिर विमान चलाना कैसे जानते थे। यानिव ने जवाब दिया कि वह नेशनल जियोग्राफिक का मशहूर टीवी शो 'एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन' (Air Crash Investigation / Mayday) नियमित देखता है और उसी से उसे विमान का कंट्रोल संभालना आया।

बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के एक प्लंबर ने इतनी सटीकता से संकट में विमान संभाला, इस पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शक जताया है। इंटरनेट यूजर्स के मुताबिक 'प्लंबर' असल में इस्रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के जासूस का कोड नेम हो सकता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस घटना पर मजाक में कहा कि हॉलीवुड को इस 'प्लंबर-हीरो' पर फिल्म बनानी चाहिए। वहीं इस्रायली प्रशासन ने साफ किया है कि यानिव हायुन जासूस नहीं, बल्कि एक बहादुर नागरिक है।

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