कॉकपिट में चाकू से हमला, घायल कैप्टन स्मित माछार ने बचाई 174 जानें
फ्लाय दुबई के विमान में सह-पायलट के हमले के बाद कैप्टन स्मित माछार की मोदी, ट्रम्प और नेतन्याहू ने तारीफ की।
भारतीय वंश के कैप्टन स्मित माछार (Smit Machchhar) की बहादुरी की चर्चा इस वक्त दुनियाभर में हो रही है। हजारों फुट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान को अपने कब्जे में लेकर क्रैश करने की साजिश और कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले के बीच उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।
मामला दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जा रहे फ्लाय दुबई (Flydubai) के विमान का है। इसमें ओमान के सह-पायलट ने आत्मघाती हमले की कोशिश की, जिसे कैप्टन माछार ने नाकाम कर दिया। इस हिम्मत के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इस्राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने उनकी खुलकर तारीफ की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स (X) पर संदेश डालकर कैप्टन माछार को सलाम किया। उन्होंने कहा, "कैप्टन स्मित माछार असली हीरो हैं। बेहद गंभीर खतरे का सामना करते हुए और खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असीम साहस और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची है और एक बड़ा हादसा टल गया है। भारत को कैप्टन माछार पर गर्व है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वे जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों और उन्हें अच्छी सेहत मिले।"
इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी भारतीय कैप्टन की हिम्मत की तारीफ की। उन्होंने कहा, "कैप्टन स्मित माछार ने जो बेमिसाल साहस दिखाया, उसके लिए मैं उन्हें नमन करता हूं। शरीर में तेज धारदार हथियार घोंपे जाने से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे लड़े, उन्होंने डटकर मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्री और क्रू मेंबर मिलकर हमलावर को काबू कर सके और एक भयानक त्रासदी टल गई। कैप्टन माछार ने इस्राइली नागरिकों समेत 174 यात्रियों की जान बचाई है। वे असली नायक की मिसाल हैं।"
राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कॉकपिट में चाकू के हमले से गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन माछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए पुकारा। ऐसे बेहद मुश्किल हालात में हार न मानना और सूझबूझ दिखाना असाधारण है। सह-पायलट के इरादों के बारे में ट्रम्प ने कहा, "वह शायद आतंकवादी रहा होगा या कोई सिरफिरा सनकी।"
फ्लाय दुबई की FZ1073 उड़ान भरने के बाद जब 34,000 फीट की ऊंचाई पर थी, तब अचानक कंट्रोल रूम को '7700' स्क्वॉक कोड भेजा गया। कुछ ही देर में विमान ने '7500' कोड भेजा, जो आम तौर पर विमान हाइजैक होने या किसी गैरकानूनी दखल के वक्त इस्तेमाल होता है।
ओमान का सह-पायलट विमान का कंट्रोल लेकर उसे क्रैश करने की तैयारी में था। उसने अचानक कैप्टन स्मित माछार पर चाकू से वार कर दिया। चाकू लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए, फिर भी उन्होंने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, ताकि बाहर से मदद मिल सके। विमान में इस्राइल के 150 यात्री थे, इसलिए हाइजैकिंग की आशंका से हर तरफ हड़कंप मच गया। विमान ने अपना रास्ता बदलकर सऊदी अरेबिया की तरफ मोड़ लिया। सुरक्षा के लिए इस्राइली फाइटर जेट तुरंत मौके पर पहुंचे और विमान को एस्कॉर्ट किया।
इस पूरे थ्रिलर में एक हैरान करने वाली बात यह रही कि कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही एक इस्राइली यात्री मदद के लिए दौड़ पड़ा। उसने सीधे कॉकपिट में घुसकर हमला करने वाले सह-पायलट को सीट से खींचकर नीचे गिरा दिया। इसके बाद बाकी यात्रियों और केबिन क्रू ने उसे पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया।
ट्रम्प ने मीडिया को बताया कि जब उस यात्री से पूछा गया कि उसने यह सब कैसे किया, तो उसने कहा कि वह 'एयर डिजास्टर्स' नाम के टीवी शो का बड़ा फैन है। वह शो देखकर ही उसने विमान कंट्रोल की कुछ बुनियादी जानकारी सीख ली थी। इसके बाद एक्स्ट्रा पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और घायल कैप्टन माछार ने सऊदी अरेबिया के तबुक (Tabuk) एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।
भारतीय वंश के कैप्टन स्मित माछार 2022 में फ्लाय दुबई में पायलट के तौर पर शामिल हुए थे। उससे पहले करीब 10 साल वे स्पाइसजेट (SpiceJet) में पायलट रहे। फिलहाल वे अपने परिवार के साथ दुबई में रहते हैं। हमले में गंभीर चोट लगने के बाद उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फ्लाय दुबई एयरलाइन ने इस्राइल से आने और वहां जाने वाली अपनी सभी उड़ानें फिलहाल रोक दी हैं।
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