पाथर्डी के हॉस्टल में 13 साल के छात्र ने फांसी लगाई, शिक्षक पर केस दर्ज
पाथर्डी के हिंद छात्रावास में रहने वाले सातवीं के छात्र समर्थ खरात ने जान दे दी। पिता की शिकायत पर शिक्षक सुभाष घुगे के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
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पढ़ाई के लिए घर से दूर पाथर्डी के हॉस्टल में रह रहे 13 साल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। यह खबर सुनकर हर कोई सन्न है। मरने से पहले इस बच्चे ने अपने पिता से शिकायत की थी कि हॉस्टल का एक शिक्षक उसे बार-बार और बिना वजह परेशान करता है। इस घटना से शिक्षा जगत में काफी गुस्सा और हलचल है, और अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा डर बैठ गया है।
मरने वाले छात्र का नाम समर्थ आबासाहेब खरात है और उसकी उम्र 13 साल थी। वह मूल रूप से बीड जिले के गेवराई तालुका के कवडगांव का रहने वाला था। पाथर्डी में प्रतापकाका ढाकणे के "हिंद वसतिगृह" में रहकर वह सातवीं कक्षा में पढ़ रहा था। उसका छोटा भाई साई भी इसी हॉस्टल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता है।
बुधवार, 21 अक्टूबर को दोपहर के वक्त समर्थ ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मामला सामने आते ही इलाके में मातम छा गया। परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार की शिकायत के मुताबिक हॉस्टल का शिक्षक सुभाष घुगे पिछले कुछ दिनों से समर्थ को बिना वजह और बार-बार मानसिक तकलीफ दे रहा था। यह बात समर्थ ने खुद पिता को फोन करके बताई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए रिश्तेदार और गांव वाले पाथर्डी पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने मांग की कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ फौरन सख्त मामला दर्ज किया जाए, और इसके लिए वहीं धरने पर बैठ गए। रिश्तेदारों के तीखे रुख और पिता की शिकायत के आधार पर आखिरकार पाथर्डी पुलिस ने शिक्षक सुभाष घुगे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
इस बीच रिश्तेदारों ने पाथर्डी में शवविच्छेदन कराने से मना कर दिया। इसलिए तय हुआ कि शव का पोस्ट मॉर्टम छत्रपति संभाजीनगर में किया जाएगा।
एक नाबालिग छात्र की ऐसी मौत से हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा का सवाल फिर गंभीरता से उठ खड़ा हुआ है। साथ ही उस प्रबंधन पर भी सवाल है जो बच्चों की छोटी-बड़ी शिकायतों को अनसुना कर देता है। शिक्षक की तरफ से आखिर किस तरह की तकलीफ दी जा रही थी और उसका इस आत्महत्या से सीधा क्या संबंध है, इसकी गहरी जांच अब पुलिस कर रही है।
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