पाकिस्तानी महिला जज जासिया रहमान की कविता वायरल, युवा वकीलों को दिया संदेश
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पाकिस्तान की अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश जासिया रहमान का भाषण और उसके अंत की कविता भारत और पाकिस्तान दोनों जगह सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पाकिस्तान की एक महिला न्यायिक अधिकारी युवा वकीलों से बड़े अपनापन और असर के साथ बात करती दिखती हैं। उनके भाषण का अंत एक कविता से होता है। इस कविता ने कार्यक्रम में मौजूद 400 से ज्यादा लॉ ग्रेजुएट्स का ही नहीं, सोशल मीडिया पर लाखों यूजर्स का भी दिल जीत लिया है।
इन न्यायिक अधिकारी का नाम जासिया रहमान है। वे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश हैं। उन्होंने हाल ही में एक खास कार्यक्रम में करीब 400 ऐसे नौजवान ग्रेजुएट्स से बात की, जो अभी-अभी कानून की पढ़ाई करके निकले हैं। यह वीडियो सिर्फ एक कानूनी सेशन का हिस्सा बनकर नहीं रह गया। लोग इसे इंसानी कदरों और हौसला देने वाली बातचीत की मिसाल बता रहे हैं, और दोनों देशों के लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं।
भाषण में जासिया रहमान ने कई अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि इंसाफ देने का काम सिर्फ किताबी कानूनों और कोर्टरूम की चार दीवारों तक सीमित नहीं है। समाज जिस तरह बदल रहा है, उसके साथ चलने के लिए नई पीढ़ी, न्याय व्यवस्था और लंबे वक्त से वकालत कर रहे सीनियर वकीलों के बीच बातचीत होना बहुत जरूरी है।
उनके मुताबिक न्याय व्यवस्था और नए लॉ ग्रेजुएट्स के बीच अक्सर सोच और पेशे के लिहाज से एक फासला दिखता है। इस फासले को मिटाने के लिए ऐसे मार्गदर्शन वाले कार्यक्रम बार-बार होने चाहिए, यह राय उन्होंने रखी। इतने ज्यादा युवा वकीलों को गाइड करने का मौका मिलने पर उन्होंने गर्व जताया। उनकी इस सीधी, साफ और मिलजुलकर चलने वाली बात पर मौजूद लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
पूरे भाषण की सबसे खास बात आखिर में सुनाई गई कविता रही। भाषण खत्म करते हुए उन्होंने नौजवान ग्रेजुएट्स के रोशन और कामयाब भविष्य के लिए एक खूबसूरत पैगाम दिया। ये पंक्तियां अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही हैं:
"तुम्हारी किस्मत का सितारा हमेशा मेहरबान रहे, मेरी ख्वाहिशों से बेहतर, तुम्हारी उम्मीदों से ज्यादा।"
इन पंक्तियों ने वहां मौजूद लोगों का दिल छू लिया। वकालत का सफर शुरू कर रहे नौजवानों के लिए जज के मुंह से जब ऐसे आशीर्वाद जैसे शब्द निकले, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। वीडियो इंटरनेट पर आने के बाद से यह कविता स्टेटस और रील्स के जरिए बड़े पैमाने पर शेयर की जा रही है।
लोगों में जानने की उत्सुकता है कि जासिया रहमान आखिर हैं कौन। वे पाकिस्तान की एक सख्त और पढ़ाई-लिखाई वाली न्यायिक अधिकारी हैं। उन्होंने अदालत के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। वे सिंध न्यायिक अकादमी में प्रोफेसर के तौर पर भी अहम जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। न्यायिक ट्रेनिंग और कानूनी पढ़ाई का स्तर ऊपर उठाने के लिए कई पहलों में उन्होंने सक्रिय हिस्सा लिया है।
पाकिस्तानी मीडिया की आधिकारिक खबरों के मुताबिक 18 अक्टूबर 2024 को सिंध सरकार ने 30 सीनियर सिविल जजों को प्रमोशन देकर अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश का पद सौंपा था। सिंध हाई कोर्ट की विभागीय पदोन्नति समिति की सिफारिश पर हुई इन नियुक्तियों में जासिया रहमान का नाम भी शामिल था। अपने कानूनी सफर और अब सोशल मीडिया पर मिली शोहरत से वे एक रात में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई हैं।
आज सोशल मीडिया पर अक्सर विवादित, राजनीतिक या नकारात्मक वीडियो ही तेजी से फैलते हैं। ऐसे माहौल में एक जज का हौसला बढ़ाने वाला भाषण और उनका कविता वाला अंदाज वायरल होना राहत देने वाली और अच्छी बात मानी जा रही है। यह वीडियो किसी अदालती विवाद या सनसनीखेज फैसले की वजह से वायरल नहीं हुआ। इसके पीछे सिर्फ इंसानी लगाव, नई पीढ़ी के लिए अपनापन और एक खूबसूरत पैगाम है। भारत और पाकिस्तान के नेटिजन्स सरहद पार जाकर इस वीडियो की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं।
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