ऑनलाइन रोमांस ठगी पर लगाम की तैयारी, मैच ग्रुप और गृह मंत्रालय के I4C में करार
टिंडर, हिंज और द लीग की मूल कंपनी मैच ग्रुप ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ मिलकर रोमांस स्कैम के खिलाफ जागरूकता मुहिम शुरू करने की घोषणा की है।
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टिंडर, हिंज और द लीग जैसे ब्रांड की मूल कंपनी मैच ग्रुप ने आज केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ साझेदारी का ऐलान किया। भारत में हुए ट्रस्ट अँड सेफ्टी फेस्टिवल के दूसरे संस्करण के मौके पर यह घोषणा हुई। इस साझेदारी के तहत देश में रोमांस स्कैम को लेकर जागरूकता मुहिम चलाई जाएगी।
मुहिम में डेटिंग करने वालों को ठगी के आम तरीके पहचानना सिखाया जाएगा। खतरे के संकेत क्या होते हैं, यह भी समझाया जाएगा। साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने और मदद पाने के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कैसे करें, इस पर भी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
रोमांस स्कैम कई तरह के हो सकते हैं। ठग अक्सर वक्त के साथ भरोसा जीतते हैं और फिर पैसे या संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। मैच ग्रुप और I4C मिलकर डेटिंग करने वालों को ऐसी जानकारी देंगे जो भारत के हालात के हिसाब से हो। इससे लोग खतरे के संकेत पहचान सकेंगे और यह भी जान पाएंगे कि मदद के लिए कहां संपर्क करना है।
टिंडर, हिंज और द लीग अपने प्लेटफॉर्म और माध्यमों से यूजर्स के साथ काम के टिप्स शेयर करेंगे। रोमांस स्कैम पर पहले से मौजूद जागरूकता संदेशों को आधार बनाकर और भारत की स्थानीय स्थिति को ध्यान में रखकर I4C के सहयोग से इस जानकारी को और असरदार बनाया गया है। यूजर्स को पांच खास बातों पर सलाह दी जाएगी।
पहली बात, बातचीत को दूसरे प्लेटफॉर्म पर ले जाने को लेकर सावधानी। अगर नया परिचित फौरन दूसरे प्लेटफॉर्म पर चलने की जिद करे, खासकर वीडियो कॉल या सामने मिलने से बचे, तो चौकन्ना रहने को कहा जाएगा।
दूसरी बात, यह पक्का करना कि सामने कौन है। यूजर्स प्रोफाइल पर वेरिफिकेशन के निशान देखें और सामने मिलने से पहले वीडियो कॉल के बारे में सोचें, ताकि पता चले कि सामने वाला अपने बारे में जो बता रहा है वह सच है या नहीं।
तीसरी बात, शक भरी इन्वेस्टमेंट और पैसों की सलाह को ठुकराना। नया परिचित क्रिप्टोकरेंसी या निवेश की सलाह दे, असामान्य रूप से ज्यादा रिटर्न का वादा करे या कमाई के लुभावने मौके दिखाए, तो ऐसे प्रस्तावों से सतर्क रहने की अपील की जाएगी।
चौथी बात, पैसे की मांग को अनसुना करना। ठग वीजा फीस, इलाज का खर्च, मरम्मत या सफर के खर्च जैसे कई बहाने बनाकर पैसे मांग सकते हैं। इसलिए सिर्फ ऑनलाइन मिले शख्स को पैसे, गिफ्ट कार्ड या निवेश के रूप में रकम न भेजने की याद दिलाई जाएगी।
पांचवीं बात, धीरे-धीरे भरोसा जीतने की कोशिशों से होशियार रहना। कुछ ठगी के मामले कई हफ्तों या महीनों तक चल सकते हैं। ठग पहले रिश्ता बनाते हैं और फिर आर्थिक मदद मांगते हैं। इसलिए नई पहचान को समझने के लिए पूरा वक्त लें और जल्दबाजी में फैसले न करें।
मैच ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ट्रस्ट अँड सेफ्टी विभाग के प्रमुख योएल रॉथ ने कहा, "ऑनलाइन डेटिंग का ज्यादा सुरक्षित अनुभव बनाने के लिए किसी एक प्लेटफॉर्म की कोशिश काफी नहीं होती। रोमांस स्कैम का रूप लगातार बदल रहा है। इसलिए टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और सुरक्षा क्षेत्र के बाकी साझेदारों के बीच दुनिया भर में सहयोग जरूरी है। I4C के साथ हमारी साझेदारी भारत में इसी सोच को जमीन पर उतारती है। ट्रस्ट अँड सेफ्टी में हमारे तजुर्बे और स्थानीय जानकारों की मदद से लोग ठगी के संकेत पहचान सकेंगे और ऑनलाइन डेटिंग करते वक्त ज्यादा समझदारी से फैसले ले सकेंगे। ऑनलाइन डेटिंग के पूरे तंत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा होनी चाहिए, हमारी इस लगातार प्रतिबद्धता का यह एक अहम हिस्सा है।"
I4C के संचालक निशांत कुमार ने कहा, "ऑनलाइन भरोसा करते वक्त सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है। ठग डेटिंग ऐप या शादी की वेबसाइट पर फर्जी पहचान बनाते हैं। भावनात्मक रिश्तों का फायदा उठाकर भरोसा जीतते हैं और फिर फौरन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव डालते हैं। I4C और गृह मंत्रालय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे सतर्क रहें, सामने वाले की पहचान की ठीक से जांच करें, निजी जानकारी बेवजह शेयर न करें और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें। ऐसी ठगी का शिकार होने पर नागरिक फौरन राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।"
टिंडर की सुरक्षा व्यवस्था में Face Check और Photo Verification शामिल हैं, जिनसे प्रोफाइल के असली होने की जांच में मदद मिलती है। नुकसान पहुंचा सकने वाली बातचीत पकड़ने के लिए "Are You Sure?" और "Does This Bother You?" जैसे टूल भी हैं। अनचाही बातचीत होने पर यूजर Block, Report और Unmatch का इस्तेमाल कर सकते हैं। Share My Date के जरिए यूजर अपनी डेट के प्लान और लोकेशन की जानकारी भरोसेमंद लोगों से शेयर कर सकते हैं।
हिंज ने हाल ही में भारत के यूजर्स के लिए नए अनुभव का ऐलान किया है, जिसमें भरोसे, निजता और आपसी सम्मान को तरजीह दी गई है। कुछ नए यूजर्स को प्रोफाइल बनाने के बाद वेटलिस्ट में रखा जाएगा। इसका मकसद है कि प्लेटफॉर्म पर आने वाला हर शख्स गंभीरता से और इरादे के साथ डेटिंग करे। मैचिंग और लाइक की सुविधा शुरू होने का इंतजार करते हुए यूजर फोटो जोड़ सकते हैं, अपनी पहचान और उम्मीदें बताने वाले प्रॉम्प्ट के जवाब दे सकते हैं और अपना प्रोफाइल वेरिफाई करा सकते हैं।
यह मुहिम दिल्ली में हुए Trust & Safety India (TASI) Festival में मैच ग्रुप की हिस्सेदारी के बीच शुरू हो रही है। भारत में सुरक्षा क्षेत्र के अलग-अलग साझेदारों के साथ सहयोग और संवाद बढ़ाने की मैच ग्रुप की लगातार कोशिशों में इस साझेदारी की अहम जगह है।
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