नेरी में विशेष ग्रामसभा की तारीख नहीं, युवा संगठन की बेमुद्दत आंदोलन की चेतावनी
चिमूर के नेरी में विशेष ग्रामसभा की मांग पर आश्वासन मिलते रहे, पर तारीख तय नहीं हुई। युवा ग्रामविकास संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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चिमूर के नेरी गांव में विशेष ग्रामसभा बुलाने की मांग बार-बार की गई, लेकिन अब तक इस बैठक की तारीख घोषित नहीं हुई है। युवा ग्रामविकास संगठन का आरोप है कि आश्वासन तो मिलते रहे, मगर जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने ग्रामपंचायत का घेराव किया, निवेदन दिए और अधिकारियों से फॉलोअप भी किया। फिर भी मामला नहीं सुलझा, इसलिए अब उसने बेमुद्दत आंदोलन की चेतावनी दी है।
गांव के युवाओं का कहना है कि नेरी के अलग-अलग मसलों पर चर्चा होनी चाहिए। वे चाहते हैं कि ग्रामपंचायत के कामकाज की साफ जानकारी गांव वालों को मिले और जो मुद्दे पेंडिंग हैं, उनके जवाब मिलें। इसी वजह से उन्होंने विशेष ग्रामसभा की मांग की है। बार-बार फॉलोअप करने के बाद भी सभा में देरी हो रही है, इसलिए ग्रामपंचायत के कामकाज के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं।
31 अगस्त को हुई ग्रामसभा में युवाओं ने कई सवाल रखे थे। उनका आरोप है कि सरपंच की तरफ से इन सवालों के तसल्लीबख्श जवाब नहीं मिले। इसके बाद 4 सितंबर को फिर से ग्रामसभा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन तय दिन पर सभा नहीं हुई, तो युवाओं की नाराजगी बढ़ गई। फिर उन्होंने ग्रामपंचायत का घेराव किया और विशेष ग्रामसभा फौरन बुलाने की मांग की। संगठन के मुताबिक उस वक्त खंड विकास अधिकारी ने ग्रामसभा आयोजित करने का आश्वासन दिया था।
ग्रामपंचायत पर नया प्रशासक नियुक्त होने के बाद भी निवेदन देकर यही मांग रखी गई। युवाओं ने यह भी बताया कि विशेष ग्रामसभा के बारे में खंड विकास अधिकारी ने ग्रामपंचायत अधिकारियों को दो पत्र दिए हैं। इसके बावजूद सभा की तारीख घोषित नहीं हुई, तो सवाल उठ रहा है कि आखिर देरी की वजह क्या है।
संगठन का कहना है कि विशेष ग्रामसभा गांव वालों के लिए अपने स्थानीय सवाल रखने और ग्रामपंचायत के कामकाज पर बात करने का अहम मंच है। इसलिए उसकी मांग है कि प्रशासन और आश्वासन देने के बजाय फौरन ग्रामसभा की तारीख घोषित करे, गांव वालों के सवालों के जवाब दे और पूरे मामले की असलियत साफ करे। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने मांग पर ध्यान देकर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की, तो बेमुद्दत आंदोलन छेड़ा जाएगा।
युवा ग्रामविकास संगठन ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में देरी का आरोप भी लगाया है। यह जानकारी ग्रामपंचायत के कामकाज से जुड़ी है। युवाओं का कहना है कि कामकाज की कई बातें साफ होनी चाहिए और गांव वालों को असलियत पता चलनी चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन की आधिकारिक भूमिका अभी साफ नहीं हुई है। अब नेरी के लोगों की नजर इस पर है कि विशेष ग्रामसभा का मामला किस दिशा में जाता है और प्रशासन क्या रुख अपनाता है।
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