नेहा बोरा बोलीं, दो साथियों को हिरासत में भेजकर आंदोलन नहीं रोक पाएंगे
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ऑल इंडिया स्टुडेंट असोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली से केंद्र सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दो लोगों को हिरासत में भेजकर और आंदोलनकारियों को नजरबंद करके या उन पर कार्रवाई करके सरकार इस लड़ाई को बंद नहीं करा सकती। उनके मुताबिक यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा।
बुधवार सुबह सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर मंतर पर तिरंगा फहराने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसी गिरफ्तारी के विरोध में आज सीजेपी और नेहा बोरा के संगठन ने मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां बोलते हुए नेहा बोरा ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला।
नेहा बोरा ने कहा, "एसआईआर के खिलाफ, कुर्सी से उतारने के लिए चल रहा यह आंदोलन किसी पार्टी या किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यह देश के आम आदमी का आंदोलन है। दिल्ली में जंतर मंतर पर, कर्नाटक के फ्रीडम पार्क में और मुंबई के आजाद मैदान में यह आंदोलन आज भी जिंदा है।"
उन्होंने आगे कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका को सिर्फ पांच दिन की हिरासत नहीं दी गई है, बल्कि पूरे देश के मतदान के अधिकार की आवाज को हिरासत में भेजा गया है। उनका कहना था कि जब दिल्ली की सड़कों पर आम नागरिकों को घसीटा जाता है, तो सिर्फ वहां आंदोलन करने वाले को नहीं, बल्कि उन 13 करोड़ लोगों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है जिन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
नेहा बोरा ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने हर तरह की कोशिश की है। लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रहे नौजवानों को सड़कों पर घसीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री के लिए इतने अहम क्यों हैं।
इस मौके पर अभिजीत दिपके ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और इंडिया गठबंधन की जीत में सिर्फ 2 फीसदी का फर्क था। पिछले दो साल में 13 करोड़ से ज्यादा वोट डिलीट हुए हैं। 2024 की मतदाता सूची के हिसाब से ये 13 करोड़ वोट 14 फीसदी बनते हैं। उन्होंने पूछा कि यह वोट चोरी नहीं तो और क्या है।
दिपके ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन का नारा दिया जाता है, लेकिन उसके पीछे वन नेशन वन पार्टी ही इस सरकार का मकसद है। उनके मुताबिक यह सब सिर्फ एक पार्टी को जिताने के लिए चल रहा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी एक तानाशाह में बदल गए हैं, पर उनमें आपातकाल लगाने की हिम्मत नहीं है। पूरे देश और पूरी दुनिया ने उनका असली चेहरा देख लिया है, और नरेंद्र मोदी एक डरपोक तानाशाह हैं।
अभिजीत दिपके ने कहा कि कल सिर्फ तिरंगा फहराने की वजह से आशुतोष और सौरव को हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने पूछा कि तिरंगा फहराना कब से जुर्म हो गया।