नवरात्रोत्सव के लिए वर्धा पुलिस की तैयारी पूरी, 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
वर्धा पुलिस ने नवरात्रोत्सव-2026 के लिए ध्वनि प्रदूषण, लेजर लाइट, सोशल मीडिया और बंदोबस्त को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
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नवरात्रोत्सव-2026 को देखते हुए वर्धा पुलिस ने जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की है। मकसद है कि त्योहार उत्साह और शांति के माहौल में निपटे, ध्वनि प्रदूषण पर असरदार काबू रहे और लेजर लाइट का इस्तेमाल न हो। पुलिस का कहना है कि नवरात्रोत्सव सामाजिक एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा का त्योहार है और इसे सुरक्षित व अनुशासित रखने के लिए रोकथाम के उपायों के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल हो रहा है।
ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 36 और धारा 38(1) के तहत वर्धा के पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी, वर्धा ने भी धारा 163 BNSS के तहत ध्वनि प्रदूषण रोकने के आदेश दिए हैं। इन आदेशों का खूब प्रचार किया गया है। लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर और आवाज करने वाले दूसरे उपकरणों के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और सरकार की तय की हुई आवाज की सीमा का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। जिले के हर पुलिस थाने की हद में शांति क्षेत्रों में Noise Level Meter से आवाज की असल रीडिंग ली जा चुकी है, ताकि त्योहार के दौरान आवाज बढ़ने या नियम टूटने पर नजर रखी जा सके। सीमा तोड़ने वालों पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी और इसका खास ध्यान रखा जाएगा कि जश्न से बाकी लोगों की शांति और सेहत के अधिकार पर असर न पड़े।
लेजर लाइट को लेकर जिलाधिकारी, वर्धा ने धारा 163 BNSS के तहत रोक के आदेश दिए हैं। जुलूसों और दूसरे कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली Laser Light से आम लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और खासकर वाहन चालकों की आंखों को खतरा हो सकता है। आदेश पर अमल के लिए पुलिस को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
तालमेल बनाने के लिए वर्धा पुलिस ने आयोजक मंडलों, लाउडस्पीकर चलाने वालों और मालिकों, शांति समिति और नागरिकों के बीच कई बैठकें की हैं। इनमें त्योहार के दौरान पालन किए जाने वाले नियम, आवाज की सीमा, जुलूस में अनुशासन, ट्रैफिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर मार्गदर्शन दिया गया। बैठकों में यह भी बताया गया कि नियम टूटने पर संबंधित व्यक्ति, आयोजक, डीजे चालक या मालिक या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
किसी भी गड़बड़ी पर फौरन जवाब दे सकने के लिए हर पुलिस थाने की हद में दंगा नियंत्रण योजना की रंगीन तालीम यानी मॉक ड्रिल की गई। पुलिस अधिकारियों और अंमलदारों को तेज प्रतिक्रिया, भीड़ पर काबू, संवेदनशील जगहों की हिफाजत और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अभ्यास कराया गया। जिले के संवेदनशील और अहम इलाकों में रूट मार्च भी निकाले गए। संदेश साफ दिया गया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोई कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी।
सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए साइबर पुलिस स्टेशन, वर्धा में पूरे त्योहार के दौरान 24x7 Social Media Monitoring Cell चलेगा। अफवाह फैलाने वाली या समाज में तनाव पैदा करने वाली पोस्ट, वीडियो और संदेश डालकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पुलिस अधीक्षक, वर्धा ने अपील की है कि लोग किसी अफवाह पर भरोसा न करें और उसे आगे न भेजें। कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक जानकारी दिखे तो उसे वायरल करने के बजाय तुरंत पुलिस को बताएं।
सुरक्षा के लिए 2,000 से ज्यादा पुलिस बल तैनात रहेगा। इसमें 114 पुलिस अधिकारी, 1200 पुलिस अंमलदार, 2 दंगा नियंत्रण दस्ते, 1 त्वरित प्रतिसाद दस्ता, 1000 होमगार्ड और 2 SRPF टुकड़ियां शामिल हैं। जिले के दुर्गा मंडलों, जुलूस के रास्तों, संवेदनशील और भीड़ वाली जगहों तथा अहम चौराहों पर जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बंदोबस्त लगाया जाएगा।
पुलिस दुर्गा मंडलों और नागरिकों को त्योहार मनाने में पूरा सहयोग करेगी। लेकिन कानून का उल्लंघन, तय आवाज की सीमा का उल्लंघन, प्रतिबंधित लेजर लाइट का इस्तेमाल, सार्वजनिक शांति भंग करने वाले काम, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली हरकतें या चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस साल वर्धा जिला पुलिस दल की तरफ से नवरात्रोत्सव के जरिए सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और समाज के काम के कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए पुलिस थाना स्तर पर "नवदुर्गा सम्मान-2026" पुरस्कार प्रतियोगिता रखी गई है। इसमें दामिनी पथक और महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी, नारीशक्ति और सामाजिक जागरूकता, कन्या व महिला गौरव, महिला नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी, लड़कियों की शिक्षा, करियर और नेतृत्व विकास, सामाजिक प्रतिबद्धता और समाज के काम के कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता, सुरक्षित उत्सव प्रबंधन और पुलिस से तालमेल, नवीन कल्पना और कुल आयोजन, तथा "Save Water" संकल्पना के तहत चलाए गए कार्यक्रम शामिल हैं। इन विषयों में बेहतरीन काम करने वाले दुर्गा मंडलों को थाना स्तर और जिला स्तर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा, यह जानकारी पुलिस अधीक्षक, वर्धा ने दी। सभी मंडलों से पुलिस प्रशासन को सहयोग करने की अपील की गई है। इस साल राज्य में सूखे जैसे हालात को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने दुर्गा मंडलों से "Save Water" संकल्पना अपनाकर पानी बचाने और जल संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने को कहा है।
पुलिस अधीक्षक, वर्धा श्री सौरभ कुमार अग्रवाल ने वर्धा जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहार पूरे उत्साह से, लेकिन शांति, अनुशासन और कानून का पालन करते हुए मनाएं। दुर्गा मंडल आवाज की सीमा, जुलूस के नियम, चुनाव की आदर्श आचार संहिता, ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासन के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। प्रतिबंधित लेजर लाइट का इस्तेमाल न करें। सोशल मीडिया की अफवाहों और आपत्तिजनक संदेशों पर भरोसा न करें और उन्हें आगे न फैलाएं। किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि वर्धा पुलिस दल आपकी सेवा में 24 घंटे तैयार है।