नवरात्रि में जन्मे बच्चों को लेकर क्या हैं मान्यताएं, कैसा माना जाता है उनका स्वभाव
नवरात्रि के दिनों में जन्मे बच्चों के स्वभाव और खूबियों को लेकर धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं।
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हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि को बहुत पवित्र और शुभ समय माना जाता है। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर को हुई है। सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी के दिन इसका समापन होगा, जबकि मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी, यानी दशहरा मनाया जाएगा।
नवरात्रि को देवी दुर्गा की शक्ति और भक्ति का पवित्र त्योहार माना जाता है। धार्मिक श्रद्धा के मुताबिक नवरात्रि के दौरान पूजा करने, मंत्रोच्चार करने और देवी की आराधना से सकारात्मकता आती है। इसलिए इन पवित्र दिनों में जब किसी बच्चे का जन्म होता है, तो परिवार में उसे शुभ प्रसंग माना जाता है। नवरात्रि में जन्मे बच्चों को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं, उन्हीं में से कुछ यहां बताई जा रही हैं।
ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक श्रद्धाओं के अनुसार नवरात्रि का समय शक्ति, धैर्य, भक्ति और सकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है। इसी वजह से कहा जाता है कि इस दौरान जन्मे बच्चे उत्साही, आत्मविश्वासी और अपने लक्ष्यों को लेकर गंभीर होते हैं।
पहली खूबी आत्मविश्वास और धैर्य की मानी जाती है। देवी दुर्गा को शक्ति और धैर्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस समय जन्मे बच्चे साहसी और आत्मविश्वासी होते हैं, ऐसा माना जाता है।
दूसरी खूबी दूसरों की मदद करने की भावना है। नवरात्रि में सेवा, दानधर्म और ज़रूरतमंदों की मदद पर भी जोर दिया जाता है। इसलिए माना जाता है कि इन दिनों में जन्मे बच्चे दूसरों के प्रति करुणाशील और सहानुभूति रखने वाले होते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि में जन्मे बच्चों पर देवी दुर्गा का विशेष आशीर्वाद रहता है। यह त्योहार देवी दुर्गा को समर्पित है और इस दौरान उनके नौ रूपों की पूजा होती है।
नवरात्रि के हर दिन का अपना धार्मिक महत्त्व माना जाता है, और इन दिनों में जन्मे बच्चों को लेकर दिन के हिसाब से अलग-अलग समझ भी हैं। कुछ लोग देवी के रूप और जन्मदिन से जुड़े गुणों को बच्चे के व्यक्तित्व से जोड़ते हैं। मिसाल के तौर पर देवी शैलपुत्री को दृढ़ता और प्रकृति से, देवी ब्रह्मचारिणी को तपस्या और संयम से, देवी चंद्रघंटा को धैर्य से और देवी स्कंदमाता को मातृत्व और स्नेह से जोड़ा जाता है। इसी तरह देवी कात्यायनी का संबंध शक्ति से, देवी कालरात्रि का भयमुक्ति से, देवी महागौरी का पवित्रता से और देवी सिद्धिदात्री का सिद्धि और ज्ञान से माना जाता है।
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