नवी मुंबई के महापे में बनेगा इंडिया ज्वेलरी पार्क, 25 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद
महापे में 22 एकड़ पर बनने वाले इंडिया ज्वेलरी पार्क का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया।
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महाराष्ट्र को दुनिया भर में गहने बनाने और उनके एक्सपोर्ट का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। नवी मुंबई के महापे में 'इंडिया ज्वेलरी पार्क' बनाया जा रहा है। इस बड़े प्रोजेक्ट का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ।
उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इसके साथ ही करीब एक लाख सीधे और परोक्ष रोजगार के मौके बनने की उम्मीद जताई गई है।
यह पार्क महापे में 22 एकड़ जमीन पर तैयार किया जाएगा। यहां दो हजार से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खड़ी करने का लक्ष्य रखा गया है। गहने बनाने, नई तकनीक के इस्तेमाल और एक्सपोर्ट के लायक सामान को बढ़ावा देने के लिहाज से इस प्रोजेक्ट को अहम माना जा रहा है। गहना उद्योग से जुड़े अलग-अलग कारोबारियों को एक ही जगह पर उत्पादन और कारोबार बढ़ाने के मौके मिल सकते हैं। हुनरमंद कारीगरों और कामगारों को भी रोजगार के नए मौके मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नई तकनीक, हुनरमंद कामगारों और दुनिया के बाजार के मौकों के दम पर महाराष्ट्र को गहना उद्योग में सबसे आगे ले जाने की कोशिश है। उम्मीद जताई गई है कि इंडिया ज्वेलरी पार्क से उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी और एक्सपोर्ट को रफ्तार मिलेगी। दुनिया के बाजार में भारतीय गहनों की बड़ी मांग है। ऐसे में उत्पादन के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलें तो उद्योग को फैलने में मदद मिल सकती है।
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत रोजगार है। करीब एक लाख सीधे और परोक्ष रोजगार बनने की उम्मीद जताई गई है। गहने बनाने, डिजाइन, उत्पादन, तकनीक, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और एक्सपोर्ट जैसे जुड़े क्षेत्रों को भी इसका फायदा हो सकता है। हालांकि रोजगार का असल आंकड़ा इस पर टिका रहेगा कि प्रोजेक्ट कैसे लागू होता है, उत्पादन यूनिट कैसे खड़ी होती हैं और उद्योग कब काम शुरू करते हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि देश के कुल रत्न और आभूषण एक्सपोर्ट का 50 प्रतिशत से ज्यादा महाराष्ट्र से, खासकर मुंबई से होता है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं और प्रशासन की तरफ से मदद देने का भरोसा भी दिया। मुंबई और आसपास के इलाके में गहनों के कारोबार का बड़ा नेटवर्क पहले से मौजूद है। उसे आधुनिक उत्पादन सुविधाओं का साथ मिले तो दुनिया के गहना उद्योग में महाराष्ट्र की जगह और मजबूत हो सकती है।
महापे का यह पार्क बनने से नवी मुंबई की औद्योगिक अहमियत बढ़ने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट का जोर निवेश, रोजगार और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर रहेगा। प्रोजेक्ट जमीन पर उतरने और उत्पादन यूनिट का काम शुरू होने के बाद ही इसका आर्थिक असर साफ दिखेगा। निवेश और रोजगार का तय लक्ष्य पूरा हुआ तो महाराष्ट्र को गहनों के उत्पादन और एक्सपोर्ट में और बड़ा मौका मिल सकता है।
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