नाशिक जिले में पानी की किल्लत से निपटने के लिए 13.84 करोड़ का प्लान, टैंकर पर 11 करोड़
नाशिक जिला प्रशासन ने 2026-2027 के लिए 13 करोड़ 84 लाख 42 हज़ार रुपये का क़िल्लत कार्य योजना राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
इस साल बारिश में लंबा गैप रहा, इसलिए राज्य सरकार ने 13 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। गांवों में कुओं का पानी नीचे चला गया है और भूजल स्तर भी तेजी से गिर रहा है। इसी को देखते हुए नाशिक जिला प्रशासन ने बारिश की स्थिति को ध्यान में रखकर 2026-2027 साल के लिए किल्लत कार्य योजना तैयार की है। यह योजना 13 करोड़ 84 लाख 42 हजार रुपये की है और इसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेज दिया गया है।
इस योजना में टैंकर से पानी सप्लाई के लिए 11.15 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे साफ हो गया है कि जिले की सारी उम्मीद अब टैंकरों पर ही टिकी रहेगी।
यह योजना तीन चरणों के लिए बनाई गई है: अक्टूबर से दिसंबर, जनवरी से मार्च और अप्रैल से जून। जिले के 2 हजार 64 गांव और बस्तियां सूखे की चपेट में आ गई हैं। पानी के स्रोत तेजी से नीचे जा रहे हैं, इसलिए आने वाले कुछ ही दिनों में पानी की बड़ी किल्लत महसूस होगी। प्रशासन ने इसी वजह से अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
पानी की किल्लत बढ़ने पर किल्लत वाले इलाकों में सप्लाई के लिए प्रशासन ने कुल 355 टैंकरों की योजना बनाई है। पहले चरण में 105, दूसरे में 135 और तीसरे में 115 टैंकर रहेंगे। इसके लिए 11.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
385 कुओं का अधिग्रहण
जिन इलाकों में पानी का कोई और जरिया नहीं है, वहां 385 निजी कुओं का अधिग्रहण करके पानी पहुंचाया जाएगा। कुओं का अधिग्रहण भी तीन चरणों में करने की योजना है।
योजना में नौ काम
योजना बनाते समय हुई बारिश को देखकर कुल नौ योजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें चालू नल योजनाएं पूरी करना, नल पेयजल योजना की मरम्मत, अस्थायी नगरपालिका योजना लेना, कुएं गहरे करना, निजी कुओं का अधिग्रहण और टैंकर से पानी सप्लाई जैसे काम आते हैं। खर्च का बंटवारा इस तरह है: नल पेयजल योजना की मरम्मत के लिए 28 लाख, अस्थायी नगरपालिका योजना के लिए 28 लाख, कुएं गहरे करने के लिए 20 लाख, निजी कुओं के अधिग्रहण के लिए 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार और टैंकर से पानी सप्लाई के लिए 11 करोड़ 15 लाख 42 हजार रुपये।
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