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व्हॉट्सऐप टिप्स से शेयरों में कथित हेराफेरी, ईडी ने फ्रीज किए 200 करोड़ के ट्रेडिंग खाते

ईडी ने मुंबई, नाशिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में 29 जगह छापे मारे। दो लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में कथित पंप एंड डंप फ्रॉड का मामला है।

व्हॉट्सऐप टिप्स से शेयरों में कथित हेराफेरी, ईडी ने फ्रीज किए 200 करोड़ के ट्रेडिंग खाते तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने व्हॉट्सऐप ग्रुप के जरिए शेयरों में कथित "पंप एंड डंप" फ्रॉड के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून, 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई में करीब 200 करोड़ रुपये के ट्रेडिंग खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। ये खाते संबंधित लोगों और संस्थाओं से जुड़े हैं।

ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस-1 ने मुंबई के साथ नाशिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर, यानी कुल छह शहरों में 29 जगहों पर छापे मारे। आरोप है कि व्हॉट्सऐप ग्रुप पर "मल्टीबैगर" शेयरों की टिप्स देकर छोटे निवेशकों को खरीदारी के लिए उकसाया गया। मामला दो लिस्टेड कंपनियों के शेयरों का है।

छापे कई तरह के ठिकानों पर पड़े। इनमें दोनों कंपनियों के दफ्तर, प्रमोटरों के घर, कम कीमत पर शेयर पाने वालों के घर, फाइनेंस फर्मों के दफ्तर और प्रमोशनल व्हॉट्सऐप ग्रुप चलाने वाले संदिग्धों के ठिकाने शामिल हैं। शक है कि "मेसर्स आर. एम. ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टिम्स लिमिटेड" और "मेसर्स आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड" के शेयरों की कीमतों में हेराफेरी की गई।

जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच इन कंपनियों ने चुनिंदा लोगों को साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए।

दिसंबर 2025 के आखिर से फरवरी 2026 तक व्हॉट्सऐप कम्युनिटीज के जरिए छोटे निवेशकों को रोज ये शेयर खरीदने की टिप्स भेजी जाती थीं। ये ग्रुप हरियाणा और मुंबई के लोगों के सिम कार्ड पर चल रहे थे, जबकि इन्हें भावनगर से चलाया जा रहा था। "आर. एम. ड्रिप" के शेयर का जमकर प्रचार किया गया और इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ गया। ईडी का आरोप है कि इसी बढ़ी मांग का फायदा उठाकर कम कीमत पर "मल्टीबैगर स्टॉक्स" हासिल करने वाले लाभार्थियों ने अपने शेयर आम निवेशकों को बेच दिए।

छापों के दौरान अफ्लुएंस जेम्स, कावा एचयूएफ और कोमले कंसल्टेंसी, इन लाभार्थी ग्रुपों की पहचान हुई है। डिजिटल उपकरण और कागजात जब्त किए गए हैं। नाशिक का नाम आने से वहां के स्थानीय निवेशकों में हड़कंप मच गया है।

"पंप एंड डंप" का तरीका यह है कि कुछ लोग कम कीमत पर शेयर खरीदते हैं और सोशल मीडिया पर उनका प्रचार करते हैं। भाव चढ़ने पर वे अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमा लेते हैं। फिर भाव गिरता है और आम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है।

इसलिए निवेशकों को व्हॉट्सऐप या टेलीग्राम पर मिलने वाली शेयर टिप्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए। "मल्टीबैगर" या "गारंटीड रिटर्न" का दावा करने वाले मैसेज से सावधान रहना चाहिए। कंपनी की माली हालत जांच लें और कोई शक वाली सलाह मिले तो सेबी या पुलिस में शिकायत करें।

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