गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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19:38 IST

नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, 'अंकुश' का किस्सा सुनाया

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ज्येष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देते हुए पुरानी यादें साझा कीं और बोलते वक्त उनकी आंखें भर आईं।

नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, 'अंकुश' का किस्सा सुनाया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ज्येष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर सुनकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भावुक हो गए। नाना की यादें ताजा करते वक्त उनकी आंखों में आंसू तैर आए। सरनाईक ने कहा कि नाना पाटेकर का उनकी जिंदगी में बहुत बड़ा योगदान है। उनके मुताबिक एक दिलदार और संवेदनशील शख्सियत हमारे बीच से चली गई और उनकी कमी उन्हें हमेशा महसूस होती रहेगी। इन्हीं शब्दों में उन्होंने श्रद्धांजलि दी।

अपनी और नाना की पुरानी यादें बताते हुए सरनाईक ने कहा, "जब मैं 20-22 साल का था, तब मैंने नाना पाटेकर की फिल्म 'अंकुश' देखी। उस फिल्म का मुझ पर इतना असर हुआ कि मैंने अपनी रिक्षाओं का नाम 'अंकुश' रख दिया था। आगे चलकर नाना के 'नाम फाउंडेशन' को दस लाख रुपये का पहला चेक देने का मौका भी मुझे मिला। उस वक्त उन्होंने मेरी तारीफ करते हुए कहा था कि राजनीति में इस तरह मजबूती से खड़े रहने वाले लोग बहुत कम होते हैं और तू उनमें से एक है।"

सरनाईक ने बताया कि नाना से उनके करीबी रिश्ते थे। उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ती तो मैं नाना से मिलने जाता था। पिछले ही महीने हम एयरपोर्ट पर साथ थे। तब उन्होंने मुझसे पूछा, 'रे प्रताप, तेरी उम्र कितनी?' मैंने बताया कि मेरी उम्र 62 साल है। इस पर उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करके मजाक में बात की। उनकी शख्सियत की सादगी और अपनापन हमेशा याद रहेगा।"

नाना के अभिनय के बारे में सरनाईक ने उन्हें सच्चे अर्थों में 'नटसम्राट' कहा। उन्होंने कहा, "कई नटसम्राट हुए, लेकिन सही मायनों में अगर किसी को नटसम्राट कहना हो तो वे नाना पाटेकर थे। उनके अभिनय का अपना अलग अंदाज था। 'कांदा लेलो, बटाटा लेलो' कोई बड़ा डायलॉग नहीं था, मगर नाना ने अपने अभिनय से उसे भी अमर कर दिया। एक साधारण वाक्य को भी अपने अभिनय की ताकत से लोगों के दिल में उतार देने की क्षमता उनमें थी।"

राजनीतिक कार्यक्रमों में नाना को बुलाने की यादें भी सरनाईक ने साझा कीं। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें किसी कार्यक्रम के लिए बुलाता तो वे कहते, 'मुझे बुलाएगा तो अपने पैर पर पत्थर मार लेगा। मुझसे राजनीतिक नेताओं के बारे में ज्यादा अच्छा बोला नहीं जाता। तू मेरा दोस्त है, फिर भी मुझसे अच्छा बोलने की उम्मीद मत रखना।' उनकी साफगोई की यही खासियत थी।"

सरनाईक ने अपनी भावनाएं इन शब्दों में रखीं, "आज सुबह नाना पाटेकर के निधन की खबर मिली और मन बहुत दुखी हुआ। एक दिलदार, संवेदनशील और असाधारण कलाकार आज हमारे बीच से चला गया है। उनकी यादें हमेशा मन में रहेंगी। नाना पाटेकर को मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।"

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