नालासोपारा में सड़क घेरने वाले चार गैराज संचालकों पर पुलिस ने केस दर्ज किए
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नालासोपारा पश्चिम में सड़कों पर गाड़ियां खड़ी कर दुकान चलाने वाले चार गैराज संचालकों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। विपक्ष के नेता मनोज पाटील का कहना है कि सिर्फ एफआईआर से सड़कें खाली नहीं होंगी।
नालासोपारा पुलिस ने पश्चिम इलाके की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर गाड़ियां बेतरतीब खड़ी करने वाले गैराज संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। मरम्मत के लिए लाई गई गाड़ियां सड़क पर खड़ी रहने से यातायात रुक रहा था और पैदल चलने वालों की सुरक्षा खतरे में थी। पुलिस ने सार्वजनिक सड़कों पर गैरकानूनी कब्ज़ा करने के आरोप में चार गैराज संचालकों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
यह कार्रवाई वसई-विरार महानगरपालिका के विपक्ष के नेता मनोज पाटील के लगातार पीछे लगने के बाद हुई है। उन्होंने इस बारे में पुलिस और महानगरपालिका प्रशासन से बार-बार शिकायत की थी।
नालासोपारा पश्चिम के फोर्थ रोड, श्रीप्रस्थ म्हाडा इलाके और सोपारा स्टेशन रोड पर कई गैराज संचालकों ने सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर मरम्मत की दुकानें चला रखी थीं। इसी सिलसिले में पुलिस ने चार मामले दर्ज किए हैं।
जिन पर मामले दर्ज हुए हैं, उनमें श्रीप्रस्थ म्हाडा रोड पर "हुरेन गैराज" के संचालक और मालिक रुहान हनिफ मेमन शामिल हैं। "विवेक ऑटो पार्ट्स" के संचालक और मालिक सचिन दीपक नाईक का नाम भी इसमें है। सोपारा स्टेशन रोड पर "ब्रिटो गैराज" के संचालक और मालिक इरफान मोहम्मद मुसा अन्सारी पर भी केस हुआ है। इनके अलावा एक और संबंधित व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने मामले दर्ज कर कार्रवाई की शुरुआत की है, लेकिन मनोज पाटील का रुख साफ है। उनका कहना है कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करने से सड़कें खाली नहीं होंगी।
गैराज वालों ने फुटपाथ और सड़कें घेर लीं, जिससे इलाके के लोग परेशान थे। सड़कें पहले से तंग हैं और गाड़ियां वहीं खड़ी रहने से हर दिन ट्रैफिक जाम लगता था। कई जगह सड़क किनारे सीधे शेड बना कर अतिक्रमण किया गया था। इस वजह से पैदल चलने वालों को जान जोखिम में डालकर गाड़ियों की भीड़ के बीच से निकलना पड़ता था। हादसों का खतरा बढ़ने से लोगों में भारी गुस्सा था।


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