दिवाली पर सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त त्योहार मनाएं, वर्धा पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल की नागरिकों से अपील
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वर्धा जिला पुलिस प्रशासन ने दिवाली और आने वाले त्योहारों के लिए पटाखों, कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर हिदायतें जारी की हैं।
दिवाली और दूसरे आने वाले त्योहारों को देखते हुए वर्धा जिला पुलिस प्रशासन जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, लोगों की सुरक्षा पक्की करने और ध्वनि व वायु प्रदूषण पर काबू रखने के लिए जरूरी इंतजाम कर रहा है। इसी सिलसिले में वर्धा के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने जिले के सभी नागरिकों, व्यापारियों, पटाखा विक्रेताओं और कारोबारियों से अपील की है कि वे प्रशासन की दी हुई हिदायतों और नियमों का सख्ती से पालन करें। यह अपील वर्धा पुलिस बल की ओर से की गई है।
पुलिस का कहना है कि दिवाली खुशी, उमंग और रोशनी का त्योहार है और इसे सभी को सुरक्षित माहौल में मनाना चाहिए। त्योहारों के दिनों में पटाखों की आतिशबाजी, भीड़, यातायात का दबाव और सार्वजनिक जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों से हादसे, आग, ध्वनि प्रदूषण और कानून व्यवस्था की दिक्कतें खड़ी होने का अंदेशा रहता है। इसलिए हर नागरिक से सामाजिक जिम्मेदारी समझकर प्रशासन का साथ देने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट और सरकार के निर्देशों के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे फोड़ना मना है। सिर्फ अधिकृत और मान्यता प्राप्त पटाखे ही खरीदे और बेचे जाएं। प्रतिबंधित या नियम के खिलाफ पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल न किया जाए।
पटाखे फोड़ते समय छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और सांस की बीमारी वाले लोगों को तकलीफ न हो, इसका ध्यान रखने को कहा गया है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाओं, अदालतों और दूसरे शांति क्षेत्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण के नियम मानने होंगे। पटाखे खुली जगह में फोड़े जाएं। घर के अंदर, बंद जगह में, गाड़ियों के पास या ज्वलनशील चीजों के आसपास न फोड़े जाएं। पास में पानी और आग बुझाने का सामान रखा जाए। बच्चे बड़ों की निगरानी में ही पटाखे फोड़ें। बचा कचरा सुरक्षित तरीके से हटाया जाए और जो पटाखा न फूटे, उसे दोबारा जलाने की कोशिश न की जाए।
पटाखा विक्रेताओं और कारोबारियों के लिए भी हिदायतें हैं। बिक्री सिर्फ सक्षम प्राधिकरण से मिले वैध लाइसेंस के आधार पर की जाए। बिक्री की जगह पर आग से बचाव के जरूरी साधन रखे जाएं। अग्निशामक यंत्र, पानी का इंतजाम और आपात स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता ठीक हालत में रहे। दुकानों में बिजली के उपकरणों, ज्वलनशील चीजों और आग लगने का खतरा पैदा करने वाली वस्तुओं के मामले में खास सावधानी बरती जाए। लाइसेंस वाले विक्रेता नियम के खिलाफ, प्रतिबंधित या बिना लाइसेंस वाले पटाखे न बेचें।
कानून व्यवस्था को लेकर नागरिकों से कहा गया है कि अफवाहें, आपत्तिजनक संदेश या समाज में तनाव पैदा करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर न फैलाएं। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला या दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाला कोई काम न किया जाए। सार्वजनिक जगहों पर बिना इजाजत जुलूस, लाउडस्पीकर या दूसरे कार्यक्रम न हों। शराब पीकर गाड़ी न चलाई जाए, यातायात के नियम माने जाएं और अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।
बाजारों, भीड़ वाली जगहों और सार्वजनिक इलाकों में कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखे तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करने को कहा गया है। कोई अनुचित घटना हो या कानून व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा हो, तब भी पुलिस को फौरन खबर दी जाए।
पुलिस के मुताबिक जिले के सभी पुलिस स्टेशनों की सीमा में जरूरी पुलिस बंदोबस्त, नियमित गश्त, संवेदनशील जगहों पर खास नजर, बाजारों में पेट्रोलिंग और जरूरी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस तंत्र सतर्क है और नियम तोड़ने वालों पर मौजूदा कानून के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने कहा है कि त्योहार खुशी, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ाने वाले होने चाहिए। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन और पुलिस बल का सहयोग करते हुए दिवाली और आने वाले सभी त्योहार शांति, सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से मनाने की अपील की है।
वर्धा जिला पुलिस प्रशासन का संदेश है: "त्योहार खुशी का, संकल्प सुरक्षा का, दिवाली प्रदूषण से मुक्त और वर्धा जिला शांतिपूर्ण!"


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