नकली चाबी से कार खोलकर 50 लाख उड़ाए, पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने 8 घंटे में दो को पकड़ा
कार में रखी 50 लाख रुपये की नकदी नकली चाबी से चुराने वाले दो आरोपी आठ घंटे के भीतर पकड़े गए। पूरी रकम बरामद हुई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने कार से 50 लाख रुपये की नकदी चुराने के मामले में दो आरोपियों को सिर्फ आठ घंटे में हिरासत में ले लिया है। चोरी गई पूरी 50 लाख रुपये की रकम भी बरामद हो गई है। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच यूनिट-2, संपत्ति विरोधी दस्ते और रावेत पुलिस ने मिलकर की।
पुलिस की जानकारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को रात करीब 10.50 से 12.15 बजे के बीच पुनावले में संदीप होटल के सामने सीमेंट के सर्विस रोड पर एक कार खड़ी थी। इसी दौरान नकली चाबी से कार के दरवाजे खोले गए और अंदर रखा 50 लाख रुपये की नकदी वाला बैग चुरा लिया गया। इस मामले में रावेत पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने क्राइम ब्रांच और रावेत पुलिस को फौरन जांच करके मामला सुलझाने के आदेश दिए। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अलग-अलग टीमें बनाई गईं।
पुलिस ने मौके का मुआयना किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक आदमी नकली चाबी से कार खोलकर 50 लाख रुपये वाला बैग ले जाता दिखाई दिया। आगे की जांच में शक चारुदत्त शिवाजी बेंडाले पर गहराया। वह फरियादी के साथ पैसे लाने मुंबई गए दो लोगों में से एक था।
बेंडाले को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो जांच में सामने आया कि उसने अपने दोस्त को कार की नकली चाबी दी थी। उसने दोस्त को बताया था कि कार में 50 लाख रुपये रखे हैं और चोरी करने को कहा था।
इस मामले में प्रसाद शिवाजी बनकर (29 साल, सुपरवाइजर, निवासी चिंबली, तालुका खेड, जिला पुणे) और चारुदत्त शिवाजी बेंडाले (30 साल, निर्माण कारोबार, निवासी निघोजे, तालुका खेड, जिला पुणे) को पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से चोरी गई पूरी 50 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, सह पुलिस आयुक्त डॉ. शशिकांत महावरकर, अपर पुलिस आयुक्त सारंग आवाड और बसवराज तेली, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) रोहिदास पवार, परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त प्रदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त सुदर्शन राठोड और वाकड विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त सुनील कुन्हाडे के मार्गदर्शन में की गई।
क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप सावंत, संपत्ति विरोधी दस्ते के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण और रावेत पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ऋषिकेश घाडगे समेत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस कार्रवाई में शामिल रहे। तकनीकी विश्लेषण विभाग की मदद से भी जांच की गई।